स्कूल के दिनों से ही रोहन को अपनी क्लासमेट प्रिया से प्यार हो गया था। लेकिन प्रिया हमेशा उसे चिढ़ाती, "अरे मोटा काला, तू तो भूत लगता है!" रोहन चुपचाप सह लेता, दिल में दर्द छुपाकर। साल बीतते गए। रोहन ने मेहनत की और रेलवे में सरकारी नौकरी पा ली। जिंदगी पटरी पर दौड़ने लगी।
एक दिन प्रिया का फोन आया। "रोहन, तुम्हें याद है ना? मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। अब तुम बहुत स्मार्ट लगते हो। हम शादी कर लें?" रोहन हंस पड़ा। बिना झिझक बोला, "प्रिया, क्या तुम्हारे मम्मी-पापा मुझे पसंद करेंगे? मैं तो वही मोटा काला हूं!"
प्रिया सन्न रह गई। रोहन ने फोन काट दिया। आज रोहन खुशहाल जिंदगी जी रहा है, अपनी मेहनत पर गर्व करता हुआ।
सच्चा प्यार दिखता है, नापता नहीं। असली सुंदरता दिल में होती है, रंग-रूप में नहीं। जो स्कूल में हंसते थे, वो नौकरी लगते ही याद आने लगे? मेहनत करो, खुद को पहचानो। दुनिया बदल जाएगी!