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Even though you may not know Divya Singh from Uttar Pradesh, her achievements are surely bound to make you proud as an Indian. She became the first Indian woman to cycle to Everest Base Camp, completing the journey from Kathmandu in 14 days.

She overcame harsh weather, high altitude, and difficult terrain, often cycling 10-12 hours daily and carrying her bike where paths were impassable. Battling fatigue, cold, and altitude sickness, she persevered with determination.

Her achievement, celebrated in a video shared by Uma Singh, with the caption, ‘Congratulations Divya Singh आप एवरेस्ट बेस कैंप पर साइकिल से पहुँचने वाली भारत की पहली महिला बन चुकी है यह हमारे गोरखपुर उत्तरप्रदेश भारत के लिए गर्व की बात है 💐❤️ और ऐसे साहसिक एडवेंचर को बढ़ावा देने के लिये मैनेजमेंट करने के लिये @rustadventure1 कंपनी का बहुत बहुत धन्यवाद 💐❤️ #adventure #mountain #outdoors #bike #cycling

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अगर शास्त्र कुछ बातें छुपाते हैं… तो क्या सच अधपके मन के लिए खतरनाक है?
यह प्रश्न असहज है।
क्योंकि हम मानकर चलते हैं—
जो सत्य है
उसे खुलकर कहा जाना चाहिए।
जो ज्ञान है
उसे सबको मिलना चाहिए।
लेकिन शास्त्रों का स्वभाव
हमेशा ऐसा नहीं रहा।

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9 m - Translate

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को भक्ति का एक भव्य नजारा देखने को मिला, जब अहमदाबाद से आए एक श्रद्धालु ने बाबा महाकाल के चरणों में करीब 70 लाख रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण अर्पित किए। दानदाता महेश भाई भगवानदास ठाकुर अपने परिवार के साथ उज्जैन पहुंचे और लगभग 30 किलो चांदी से निर्मित श्रृंगार सामग्री मंदिर समिति को सौंपी। दान की गई इन वस्तुओं में चांदी की पगड़ी, गंगाजली युक्त मुकुट, नागफन, सूर्यकिरण और चंद्रमा जड़ित मुकुट के साथ-साथ मुण्डमाला, कुंडल, गरुड़, डमरू और रुद्राक्ष माला जैसी कई अनमोल सामग्रियां शामिल हैं।

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12 m - Translate

तेलंगाना के नलगोंडा से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं है। एक सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए पैरेंट्स लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए। एडमिशन के मामले में ये सरकारी स्कूल शहर के नामी गिरामी प्राइवेट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहा है। इसके पीछे की वजह है, स्कूल को बेहद ही हाईटेक बनाया गया है।

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28 m - Translate

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. यहां रॉकेट से हुए हमले में दो बच्चों की मौत के बाद कई जिलों में फिर से तनाव की स्थिति बन गई है. इस घटना से एक बार फिर राज्य में शांति भंग कर दी है. बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि अफवाहों पर रोक लगाने और हालात सामान्य करने के लिए पांच घाटी जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

#manipur #manipurviolence #bishnupur #internetshutdown #atcard #aajtaksocial

[Manipur violence latest news, Bishnupur rocket attack, two children killed in Manipur, Manipur curfew news, internet suspended in five districts, Bishnupur tension update, North East India]

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आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए आज सम्मान और अधिकार का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
PM-UDAY योजना के अंतर्गत कुल 1731 में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को ‘जैसा है, जहाँ है’ के आधार पर, बिना लेआउट प्लान की अनिवार्यता के नियमित किया जा रहा है, साथ ही सभी भूखंडों एवं भवनों का भूमि उपयोग आवासीय माना जाएगा तथा नियमितिकरण केवल मौजूदा built up structure को ‘जैसा है, जहाँ है’ के आधार पर किया जाएगा। छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा।
यह आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी जिसके तहत 7 दिन में GIS सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया, और 45 दिन में conveyance deed जारी करने की समयसीमा तय की गई है।
इसके साथ ही Transit Oriented Development (TOD) नीति के तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में planned, high-density और mixed-use development को भी बढ़ावा मिलेगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायी नेतृत्व में दिल्ली अब अनिश्चितता से निकलकर सम्मान, सुरक्षा और सुनियोजित विकास की राह पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

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आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए आज सम्मान और अधिकार का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
PM-UDAY योजना के अंतर्गत कुल 1731 में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को ‘जैसा है, जहाँ है’ के आधार पर, बिना लेआउट प्लान की अनिवार्यता के नियमित किया जा रहा है, साथ ही सभी भूखंडों एवं भवनों का भूमि उपयोग आवासीय माना जाएगा तथा नियमितिकरण केवल मौजूदा built up structure को ‘जैसा है, जहाँ है’ के आधार पर किया जाएगा। छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा।
यह आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी जिसके तहत 7 दिन में GIS सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया, और 45 दिन में conveyance deed जारी करने की समयसीमा तय की गई है।
इसके साथ ही Transit Oriented Development (TOD) नीति के तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में planned, high-density और mixed-use development को भी बढ़ावा मिलेगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायी नेतृत्व में दिल्ली अब अनिश्चितता से निकलकर सम्मान, सुरक्षा और सुनियोजित विकास की राह पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

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