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भगौड़े ललित मोदी ने लंदन में भगौड़े कारोबारी विजय माल्या के जन्मदिन पर एक खास पार्टी दी. देखिए एक तस्वीर आई सामने

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गर्भगृह से माँ वैष्णो देवी के सबसे शुभ दर्शन

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सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के हरीश राणा (31) के माता-पिता को उनके बेटे की 'निष्क्रिय इच्छामृत्यु' (Passive Euthanasia) की याचिका पर चर्चा के लिए 13 जनवरी को तलब किया है। हरीश 2013 में चौथी मंजिल से गिरने के बाद से 13 वर्षों से 'वेजीटेव स्टेट' में हैं और बिस्तर पर पड़े हैं।​
एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट में हरीश के ठीक होने की संभावना न के बराबर बताई गई है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने कहा कि अब अंतिम फैसला लेने का समय आ गया है क्योंकि उसे इस दर्दनाक हालत में हमेशा जिंदा नहीं रखा जा सकता । कोर्ट माता-पिता से व्यक्तिगत बातचीत के बाद लाइफ सपोर्ट हटाने पर निर्णय लेगा।

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जागो हिन्दुओ 🙏🚩🙏,,

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शिखा जिसकी धरोहर है तिलक से जो अलंकृत है,
चमकता भाल दिनकर सा जो हर भय से वंचित है।
जो शम्भू सा विनाशी है जो विष्णु सा हृदय कोमल,
है जिसमें तेज ब्रह्मा का वो ब्राह्मण सर्व वन्दित है।।

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18 जून 1858 को ग्वालियर में कोटा की सराय में रानी लक्ष्मीबाई ने आखिरी युद्ध लड़ा। अंग्रेज़ों को तलवार से पछाड़ा, गोली खाई, पर आत्मसमर्पण नहीं किया। मरते वक्त भी घोड़े पर सवार थीं, खुद को आग में भस्म कर वीरगति ली।
#ranilakshmibai

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1976 ई. में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की अस्थियां लेते हुए शहीद-ए-आजम भगतसिंह के भाई कुलतार सिंह शिव विनायक मिश्र के पोते सतीश मिश्र के मुताबिक आजाद के अंतिम संस्कार में कमला नेहरू आई थीं और उनको पता था कि शिव विनायक मिश्र चंद्रशेखर आजाद के करीबी हैं,

इसलिए उनको भी बुलवाया गया। इलाहाबाद में रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बाद में शिव विनायक मिश्र बची हुई अस्थियां लेकर बनारस आए। सरदार भगत सिंह के छोटे भाई कुलतार सिंह 1974 में कांग्रेस के टिकट से सहारनपुर से एमएलए चुने गए थे।

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ये घटना उस समय की है जब अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति थे उस समय उनका पूरा परिवार उनसे मिलने दिल्ली आया। वे कुल 52 लोग थे, जिनमें उनके 90 साल के बड़े भाई से लेकर उनकी डेढ़ साल की परपोती भी शामिल थी
स्टेशन से सभी को राष्ट्रपति भवन लाया गया, जहां वह 8 दिन तक भवन में रुके। उनके आने-जाने से लेकर खाने-पीने तक, यहां तक की एक प्याली चाय का खर्चा भी कलाम ने अपनी जेब से दिया।
इतना ही नहीं कलाम ने अपने अधिकारियों का भी साफ तौर पर निर्देश दिया था कि इन मेहमानों के लिए राष्ट्रपति भवन की कारें इस्तेमाल नहीं की जाएंगी। 🇮🇳🏡
रिश्तेदारों के खाने-पीने के सारे खर्च का ब्यौरा अलग से रखा गया। और जब वह सभी वापस गए तब कलाम ने अपने निजी खाते से 3,52,000 रुपये का चेक काट कर राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा। ऐसे थे हमारे देश के अनमोल हीरे एपीजे अब्दुल कलाम।💵💵❣️

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Today in 1989, A Lion was Born! Shaurya Chakra Major Anuj Sood He was martyred on May 2, 2020, during a counter-terr’orism operation in Handwara, Jammu and Kashmir

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