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As the curtains fall on the World Yogasana Championship in Ahmedabad, we celebrate more than a competition, we celebrate a global movement. Athletes from over 50 nations came together, showcasing discipline, strength, culture, and the unifying spirit of Yoga on one world stage.
Thank you to every athlete, coach, volunteer, and supporter who made this journey unforgettable. The championship may be over, but the movement has only just be****. 🧘‍♀️🌎

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As the curtains fall on the World Yogasana Championship in Ahmedabad, we celebrate more than a competition, we celebrate a global movement. Athletes from over 50 nations came together, showcasing discipline, strength, culture, and the unifying spirit of Yoga on one world stage.
Thank you to every athlete, coach, volunteer, and supporter who made this journey unforgettable. The championship may be over, but the movement has only just be****. 🧘‍♀️🌎

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As the curtains fall on the World Yogasana Championship in Ahmedabad, we celebrate more than a competition, we celebrate a global movement. Athletes from over 50 nations came together, showcasing discipline, strength, culture, and the unifying spirit of Yoga on one world stage.
Thank you to every athlete, coach, volunteer, and supporter who made this journey unforgettable. The championship may be over, but the movement has only just be****. 🧘‍♀️🌎

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विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामीजी महाराज (@pujyaswamiji ) के स्नेहमय सान्निध्य एवं प्रेरणा से मेरी प्रिय बहन रवीना (@officialraveenatandon ) जी का परमार्थ निकेतन (@parmarthniketan )
आगमन अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी रहा। 🌿
रवीना जी केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण एवं पशु संरक्षण के प्रति समर्पित एक संवेदनशील जागरूक व्यक्तित्व भी हैं। वे अपनी आवाज़ और अपने मंच का उपयोग प्रकृति, वन्यजीवों तथा हमारी धरती की रक्षा के लिए निरंतर कर रही हैं, जो वास्तव में प्रशंसनीय है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में उनकी सहभागिता ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
श्री राम कथा, वृक्षारोपण, गौ पूजन और प्रकृति संरक्षण के संकल्पों के बीच बिताए गए ये क्षण इस बात की सुंदर याद दिलाते हैं कि जब संवेदनशील हृदय और सकारात्मक संकल्प एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।
माँ प्रकृति के प्रति प्रेम, सेवा और उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने के लिए रवीना जी का यह समर्पण अनेक लोगों को प्रेरित करता रहे, यही मंगलकामना है। 🙏🌎💚
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विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामीजी महाराज (@pujyaswamiji ) के स्नेहमय सान्निध्य एवं प्रेरणा से मेरी प्रिय बहन रवीना (@officialraveenatandon ) जी का परमार्थ निकेतन (@parmarthniketan )
आगमन अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी रहा। 🌿
रवीना जी केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण एवं पशु संरक्षण के प्रति समर्पित एक संवेदनशील जागरूक व्यक्तित्व भी हैं। वे अपनी आवाज़ और अपने मंच का उपयोग प्रकृति, वन्यजीवों तथा हमारी धरती की रक्षा के लिए निरंतर कर रही हैं, जो वास्तव में प्रशंसनीय है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में उनकी सहभागिता ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
श्री राम कथा, वृक्षारोपण, गौ पूजन और प्रकृति संरक्षण के संकल्पों के बीच बिताए गए ये क्षण इस बात की सुंदर याद दिलाते हैं कि जब संवेदनशील हृदय और सकारात्मक संकल्प एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।
माँ प्रकृति के प्रति प्रेम, सेवा और उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने के लिए रवीना जी का यह समर्पण अनेक लोगों को प्रेरित करता रहे, यही मंगलकामना है। 🙏🌎💚
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विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामीजी महाराज (@pujyaswamiji ) के स्नेहमय सान्निध्य एवं प्रेरणा से मेरी प्रिय बहन रवीना (@officialraveenatandon ) जी का परमार्थ निकेतन (@parmarthniketan )
आगमन अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी रहा। 🌿
रवीना जी केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण एवं पशु संरक्षण के प्रति समर्पित एक संवेदनशील जागरूक व्यक्तित्व भी हैं। वे अपनी आवाज़ और अपने मंच का उपयोग प्रकृति, वन्यजीवों तथा हमारी धरती की रक्षा के लिए निरंतर कर रही हैं, जो वास्तव में प्रशंसनीय है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में उनकी सहभागिता ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
श्री राम कथा, वृक्षारोपण, गौ पूजन और प्रकृति संरक्षण के संकल्पों के बीच बिताए गए ये क्षण इस बात की सुंदर याद दिलाते हैं कि जब संवेदनशील हृदय और सकारात्मक संकल्प एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।
माँ प्रकृति के प्रति प्रेम, सेवा और उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने के लिए रवीना जी का यह समर्पण अनेक लोगों को प्रेरित करता रहे, यही मंगलकामना है। 🙏🌎💚
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विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामीजी महाराज (@pujyaswamiji ) के स्नेहमय सान्निध्य एवं प्रेरणा से मेरी प्रिय बहन रवीना (@officialraveenatandon ) जी का परमार्थ निकेतन (@parmarthniketan )
आगमन अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी रहा। 🌿
रवीना जी केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण एवं पशु संरक्षण के प्रति समर्पित एक संवेदनशील जागरूक व्यक्तित्व भी हैं। वे अपनी आवाज़ और अपने मंच का उपयोग प्रकृति, वन्यजीवों तथा हमारी धरती की रक्षा के लिए निरंतर कर रही हैं, जो वास्तव में प्रशंसनीय है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में उनकी सहभागिता ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
श्री राम कथा, वृक्षारोपण, गौ पूजन और प्रकृति संरक्षण के संकल्पों के बीच बिताए गए ये क्षण इस बात की सुंदर याद दिलाते हैं कि जब संवेदनशील हृदय और सकारात्मक संकल्प एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।
माँ प्रकृति के प्रति प्रेम, सेवा और उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने के लिए रवीना जी का यह समर्पण अनेक लोगों को प्रेरित करता रहे, यही मंगलकामना है। 🙏🌎💚
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राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह का एक भावुक दृश्य देशभर के लोगों को भावुक कर गया। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सिपाही जंजाल प्रविण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान ग्रहण करने के लिए उनकी मां मंच पर उपस्थित हुईं। पदक प्राप्त करते समय वह अपने बेटे की याद में भावुक हो गईं और उनके आंसू छलक पड़े। समारोह के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गले लगकर रोने लगीं। इस भावुक क्षण में राष्ट्रपति ने उन्हें सहारा दिया, गले लगाया और ढांढस बंधाया।

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उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के किसान रामकेश ने मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आज वह इस व्यवसाय से सालाना लगभग 50 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।

रामकेश के पास वर्तमान में 4,000 मधुमक्खी बॉक्स हैं, जिनसे हर वर्ष लगभग 40 टन शहद का उत्पादन होता है। उनके द्वारा उत्पादित शहद की सप्लाई डाबर, पतंजलि और हमदर्द जैसी प्रमुख कंपनियों को की जाती है। इसके अलावा शहद की आपूर्ति श्रीलंका जैसे देशों तक भी पहुंच रही है।

बताया जाता है कि वर्ष 2018 में एक दुर्घटना के बाद उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से मधुमक्खी पालन की जानकारी जुटाई और कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद केवल 30,000 रुपये की लागत और 4 बॉक्स के साथ इस व्यवसाय की शुरुआत की।

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