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अयोध्या के भव्य राम मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर चढ़ावा किया है। उद्घाटन के बाद से अब तक मंदिर को ₹3,000 करोड़ से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हो चुका है। चढ़ावे की इस विशाल धनराशि और सोने-चांदी के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रखने के लिए एक अभेद्य और आधुनिक व्यवस्था काम कर रही है।
कैसे होती है इतने बड़े चढ़ावे की गिनती?
दानपात्रों से निकली नकदी को परिसर के अंदर बने एक सुरक्षित और गोपनीय कक्ष में ले जाया जाता है, जो पूरी तरह CCTV निगरानी में रहता है। नोटों की गिनती के लिए लगभग 50 लोगों की विशेष टीम तीन श्रेणियों में काम करती है। इसमें 24 कर्मचारी नोट गिनकर बंडल बनाते हैं और 12 ट्रस्ट अधिकारी इस पर कड़ी नजर रखते हैं। गिनती और डिजिटल अकाउंटिंग को त्रुटिहीन बनाने के लिए SBI के वित्तीय अधिकारी और TCS के तकनीकी विशेषज्ञ हर एंट्री का बारीकी से मिलान करते हैं। मंदिर में औसतन प्रतिदिन ₹1 करोड़ से अधिक का चढ़ावा आता है, जिसे उसी दिन गिनकर सीधे SBI बैंक खाते में सुरक्षित जमा कर दिया जाता है।

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सिख पंथ के पंचम गुरु एवं महान संत, गुरु श्री अर्जन देव जी महाराज के ज्योति ज्योत दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
धर्म, मानवता और सत्य की रक्षा हेतु उनका सर्वोच्च बलिदान इतिहास में अद्वितीय है।
उनका जीवन हमें मानव सेवा, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का शाश्वत पथ प्रदर्शित करता रहेगा।

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स्मृति शेष सम्पत देवी-भंवरलाल हीरावत परिवार के सौजन्य से समरसता के प्रेरक भामाशाह श्री बसन्त जी हीरावत के द्वारा वीर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में ठेलासर चुरू में भव्य कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रख्यात गायक कलाकार प्रकाश माली द्वारा ओजस्वी भजन रस प्रवाहित हुआ प्रो. सोनी द्वारा "विरासत एक रतननगर" पुस्तक का विमोचन भी हुआ श्री हरलाल जी सहारण विधायक चुरू हीरावत परिवार सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।
घास की रोटी भी भाग्य में नही पाकर भी राष्ट्र स्वाभिमान की रक्षा करने वाले महाराणा प्रताप से स्वार्थी तत्व को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए लड़ने वाले वीर प्रताप को एक जाति तक सीमित करना महान मूर्खता है।।
महाराणा प्रताप महान थे तभी तो सेंकड़ों वर्षो बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही है...बाकी विधर्मियो का कोई नाम तक नहीं लेता।
#hindu #महाराणा #प्रताप

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स्मृति शेष सम्पत देवी-भंवरलाल हीरावत परिवार के सौजन्य से समरसता के प्रेरक भामाशाह श्री बसन्त जी हीरावत के द्वारा वीर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में ठेलासर चुरू में भव्य कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रख्यात गायक कलाकार प्रकाश माली द्वारा ओजस्वी भजन रस प्रवाहित हुआ प्रो. सोनी द्वारा "विरासत एक रतननगर" पुस्तक का विमोचन भी हुआ श्री हरलाल जी सहारण विधायक चुरू हीरावत परिवार सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।
घास की रोटी भी भाग्य में नही पाकर भी राष्ट्र स्वाभिमान की रक्षा करने वाले महाराणा प्रताप से स्वार्थी तत्व को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए लड़ने वाले वीर प्रताप को एक जाति तक सीमित करना महान मूर्खता है।।
महाराणा प्रताप महान थे तभी तो सेंकड़ों वर्षो बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही है...बाकी विधर्मियो का कोई नाम तक नहीं लेता।
#hindu #महाराणा #प्रताप

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स्मृति शेष सम्पत देवी-भंवरलाल हीरावत परिवार के सौजन्य से समरसता के प्रेरक भामाशाह श्री बसन्त जी हीरावत के द्वारा वीर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में ठेलासर चुरू में भव्य कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रख्यात गायक कलाकार प्रकाश माली द्वारा ओजस्वी भजन रस प्रवाहित हुआ प्रो. सोनी द्वारा "विरासत एक रतननगर" पुस्तक का विमोचन भी हुआ श्री हरलाल जी सहारण विधायक चुरू हीरावत परिवार सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।
घास की रोटी भी भाग्य में नही पाकर भी राष्ट्र स्वाभिमान की रक्षा करने वाले महाराणा प्रताप से स्वार्थी तत्व को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए लड़ने वाले वीर प्रताप को एक जाति तक सीमित करना महान मूर्खता है।।
महाराणा प्रताप महान थे तभी तो सेंकड़ों वर्षो बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही है...बाकी विधर्मियो का कोई नाम तक नहीं लेता।
#hindu #महाराणा #प्रताप

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महाराष्ट्र के कोल्हापुर की माऊली आडूकर का जन्म दोनों हाथों के बिना हुआ था। शुरुआत में एक स्कूल द्वारा दाखिला देने से मना किए जाने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। माऊली ने अपने पैरों को ही अपनी ताकत बनाया और पैरों की उंगलियों से सुई में धागा पिरोने, खाना बनाने और कंप्यूटर चलाने जैसे सभी रोजमर्रा के काम करने में महारत हासिल की।
अपनी इसी लगन के साथ उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने पैरों से कंप्यूटर चलाकर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से कंप्यूटर डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन और फिर साइकोलॉजी में मास्टर्स (M.A.) की डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की और अपनी कड़ी मेहनत से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।
वर्तमान में माऊली BMC में 'असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर' के पद पर कार्यरत हैं। अब उनका अगला लक्ष्य महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में शामिल होना है।

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होटल रॉयल इन’ में गर्लफ्रेंड के साथ पकड़ाए रेंजर ने सतना में कॉन्स्टेबल पत्नी पर दर्ज कराई FIR
Ranger FIR Against Constable Wife: 15 जून को रीवा की एक होटल के कमरे में गर्लफ्रेंड के साथ रेंजर पति को कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगेहाथों पकड़ा था, हंगामे के बाद डंपर में बैठकर भागे थे रेंजर व उनकी महिला मित्र।

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आधुनिक बिहार के शिल्पकार 'बिहार विभूति' डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा जी को सादर नमन! 🙏आज हम बिहार के एक ऐसे महान सपूत को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और बिहार के नवनिर्माण में समर्पित कर दिया।🔹 चंपारण सत्याग्रह के नायक: महात्मा गांधी जी के आह्वान पर उन्होंने वकालत छोड़कर देश की आज़ादी की लड़ाई चुनी और चंपारण सत्याग्रह में अग्रिम भूमिका निभाई।🔹 बिहार के पहले उप-मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता के बाद उन्होंने बिहार के पहले उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में राज्य की आर्थिक और सामाजिक नींव रखी।🔹 महान शिक्षाविद: उन्होंने राज्य में शिक्षा और उद्योगों के विकास के लिए कड़े प्रयास किए।उनका व्यक्तित्व ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था। आइए, उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें और एक समृद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लें। 🇮🇳

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स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत 'लायन ऑफ सलेम' को नमन! 🦁🇮🇳आज देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर कानूनविद् और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चक्रवर्ती विजयराघवाचारियर जी की जयंती है।

अपनी निडरता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें 'लायन ऑफ सलेम' कहा गया।

असहयोग आंदोलन: उन्होंने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और पूर्ण स्वराज की मांग का समर्थन किया।

संविधान निर्माण: देश के प्रशासनिक सुधारों और कानूनी अधिकारों की वकालत करने में वे हमेशा आगे रहे। आज उनकी जयंती पर देश के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को याद करें और उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें।जय हिंद! 🇮🇳

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