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प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आप सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें, प्रभु श्री राम आपको दीर्घायु जीवन प्रदान करें।

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विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है। आइए, इस अवसर पर प्रकृति के संरक्षण, हरियाली संवर्धन और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपने संकल्प को और अधिक दृढ़ करें।
#worldenvironmentday

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We are thrilled to welcome a power-packed athlete- Shivani Pradhania as our special guest for the #worldbicycleday2026 celebrations in New Delhi on 7th June (Sunday).
Join the biggest cycling movement to ride with the champions!

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूजनीय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘गुरुजी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
गुरुजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक चेतना और संगठन निर्माण के लिए समर्पित किया, राष्ट्र के प्रति समर्पण, संगठन शक्ति और सेवा के उनके आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

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सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है
• सेवा से बड़ा कोई उपहार नहीं।
• दूसरों के जीवन में खुशी लाना ही सच्ची सफलता है।
• छोटा सा सहयोग, किसी की जिंदगी बदल सकता है।
• आइए, मिलकर एक बेहतर और संवेदनशील समाज बनाएं।
#thoughtoftheday
#sevakajaykapoor

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#hikumaon #hialmora 👋 👋
"नमस्कार कुमाऊँ, नमस्कार अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र! 👋"
कल सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आप हजारों-हजार की विशाल संख्या में परिवर्तन के उद्घोष के लिए जुटे, आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद।🙏
मैं आभारी हूँ आपके स्नेह के लिए जब मैं मंच पर आया, जो भावना आप सबने मेरे प्रति दिखाई और भावनात्मक उद्गारों से आपका स्वागत किया, मैं इसे हमेशा-हमेशा याद रखूंगा। लगभग 28 वर्ष होने को हो गए हैं, मेरा कोई चुनावी संबंध अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से नहीं रहा है। अल्मोड़ा छोड़ने के बाद हरिद्वार मेरा कर्मक्षेत्र बना। कर्मक्षेत्र की अपनी व्यस्तताएँ व आवश्यकताएँ होती हैं। मुझे वहाँ रमना पड़ा। आप खुश होंगे जानकर कि मैंने अपने समर्पण से हरिद्वार के लोगों के दिलों में भी स्थान बनाया है, मैं उसे बनाए रख सकूं, इस हेतु आपका आशीर्वाद चाहिए।
मैं जिस प्रकार पहले आपके दुख-सुख में भागीदार रहता था, वैसे अब नहीं रह पा रहा हूँ। फिर भी आपको #harishrawat आज भी याद है। आप आज मुझसे प्यार करते हैं और इसे हमेशा प्रकट भी करते हैं। मेरे मन में भी आज भी लालसा है कि मैं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, रानीखेत, भिकियासैंण, द्वाराहाट आदि सभी छोटे-बड़े बाजारों में दुकान-दुकान जाकर कहूँ कि मैं हरीश रावत आपको प्रणाम कर रहा हूँ। मेरे पांव अब भी दूर-दूर गाड़-गधेरों और धारों में बसे हुए गाँवों में आने के लिए मचलते हैं। मैं एक बार फिर मरचूला से धारचूला तक, हमस्यारी से मुनस्यारी तक आपके बीच आऊंगा।

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#hikumaon #hialmora 👋 👋
"नमस्कार कुमाऊँ, नमस्कार अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र! 👋"
कल सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आप हजारों-हजार की विशाल संख्या में परिवर्तन के उद्घोष के लिए जुटे, आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद।🙏
मैं आभारी हूँ आपके स्नेह के लिए जब मैं मंच पर आया, जो भावना आप सबने मेरे प्रति दिखाई और भावनात्मक उद्गारों से आपका स्वागत किया, मैं इसे हमेशा-हमेशा याद रखूंगा। लगभग 28 वर्ष होने को हो गए हैं, मेरा कोई चुनावी संबंध अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से नहीं रहा है। अल्मोड़ा छोड़ने के बाद हरिद्वार मेरा कर्मक्षेत्र बना। कर्मक्षेत्र की अपनी व्यस्तताएँ व आवश्यकताएँ होती हैं। मुझे वहाँ रमना पड़ा। आप खुश होंगे जानकर कि मैंने अपने समर्पण से हरिद्वार के लोगों के दिलों में भी स्थान बनाया है, मैं उसे बनाए रख सकूं, इस हेतु आपका आशीर्वाद चाहिए।
मैं जिस प्रकार पहले आपके दुख-सुख में भागीदार रहता था, वैसे अब नहीं रह पा रहा हूँ। फिर भी आपको #harishrawat आज भी याद है। आप आज मुझसे प्यार करते हैं और इसे हमेशा प्रकट भी करते हैं। मेरे मन में भी आज भी लालसा है कि मैं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, रानीखेत, भिकियासैंण, द्वाराहाट आदि सभी छोटे-बड़े बाजारों में दुकान-दुकान जाकर कहूँ कि मैं हरीश रावत आपको प्रणाम कर रहा हूँ। मेरे पांव अब भी दूर-दूर गाड़-गधेरों और धारों में बसे हुए गाँवों में आने के लिए मचलते हैं। मैं एक बार फिर मरचूला से धारचूला तक, हमस्यारी से मुनस्यारी तक आपके बीच आऊंगा।

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#hikumaon #hialmora 👋 👋
"नमस्कार कुमाऊँ, नमस्कार अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र! 👋"
कल सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आप हजारों-हजार की विशाल संख्या में परिवर्तन के उद्घोष के लिए जुटे, आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद।🙏
मैं आभारी हूँ आपके स्नेह के लिए जब मैं मंच पर आया, जो भावना आप सबने मेरे प्रति दिखाई और भावनात्मक उद्गारों से आपका स्वागत किया, मैं इसे हमेशा-हमेशा याद रखूंगा। लगभग 28 वर्ष होने को हो गए हैं, मेरा कोई चुनावी संबंध अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से नहीं रहा है। अल्मोड़ा छोड़ने के बाद हरिद्वार मेरा कर्मक्षेत्र बना। कर्मक्षेत्र की अपनी व्यस्तताएँ व आवश्यकताएँ होती हैं। मुझे वहाँ रमना पड़ा। आप खुश होंगे जानकर कि मैंने अपने समर्पण से हरिद्वार के लोगों के दिलों में भी स्थान बनाया है, मैं उसे बनाए रख सकूं, इस हेतु आपका आशीर्वाद चाहिए।
मैं जिस प्रकार पहले आपके दुख-सुख में भागीदार रहता था, वैसे अब नहीं रह पा रहा हूँ। फिर भी आपको #harishrawat आज भी याद है। आप आज मुझसे प्यार करते हैं और इसे हमेशा प्रकट भी करते हैं। मेरे मन में भी आज भी लालसा है कि मैं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, रानीखेत, भिकियासैंण, द्वाराहाट आदि सभी छोटे-बड़े बाजारों में दुकान-दुकान जाकर कहूँ कि मैं हरीश रावत आपको प्रणाम कर रहा हूँ। मेरे पांव अब भी दूर-दूर गाड़-गधेरों और धारों में बसे हुए गाँवों में आने के लिए मचलते हैं। मैं एक बार फिर मरचूला से धारचूला तक, हमस्यारी से मुनस्यारी तक आपके बीच आऊंगा।

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#hikumaon #hialmora 👋 👋
"नमस्कार कुमाऊँ, नमस्कार अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र! 👋"
कल सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आप हजारों-हजार की विशाल संख्या में परिवर्तन के उद्घोष के लिए जुटे, आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद।🙏
मैं आभारी हूँ आपके स्नेह के लिए जब मैं मंच पर आया, जो भावना आप सबने मेरे प्रति दिखाई और भावनात्मक उद्गारों से आपका स्वागत किया, मैं इसे हमेशा-हमेशा याद रखूंगा। लगभग 28 वर्ष होने को हो गए हैं, मेरा कोई चुनावी संबंध अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से नहीं रहा है। अल्मोड़ा छोड़ने के बाद हरिद्वार मेरा कर्मक्षेत्र बना। कर्मक्षेत्र की अपनी व्यस्तताएँ व आवश्यकताएँ होती हैं। मुझे वहाँ रमना पड़ा। आप खुश होंगे जानकर कि मैंने अपने समर्पण से हरिद्वार के लोगों के दिलों में भी स्थान बनाया है, मैं उसे बनाए रख सकूं, इस हेतु आपका आशीर्वाद चाहिए।
मैं जिस प्रकार पहले आपके दुख-सुख में भागीदार रहता था, वैसे अब नहीं रह पा रहा हूँ। फिर भी आपको #harishrawat आज भी याद है। आप आज मुझसे प्यार करते हैं और इसे हमेशा प्रकट भी करते हैं। मेरे मन में भी आज भी लालसा है कि मैं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, रानीखेत, भिकियासैंण, द्वाराहाट आदि सभी छोटे-बड़े बाजारों में दुकान-दुकान जाकर कहूँ कि मैं हरीश रावत आपको प्रणाम कर रहा हूँ। मेरे पांव अब भी दूर-दूर गाड़-गधेरों और धारों में बसे हुए गाँवों में आने के लिए मचलते हैं। मैं एक बार फिर मरचूला से धारचूला तक, हमस्यारी से मुनस्यारी तक आपके बीच आऊंगा।

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