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सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

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सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

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सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

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इंसान की असली पहचान उसके धन से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, संस्कार और दूसरों के प्रति उसके अच्छे कर्मों से होती है। 🫡

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विनम्रता👍👍
जीवन में अगर कुछ बनना है, तो...
विनम्र रखना सिखे...
एक छोटे से बीज को भी...
जमीन के निचे दबना पड़ता है ...
पेड़ बनने के लिए...👍👍

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मरेगे एक दिन सब का आयेगा चुप रहो सोते रहो।

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लो जी मोदी जी मोज कर दी आप ने तो।

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पंजाब के लुधियाना में अपनी कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री मंच पर अचानक भावुक होकर रो पड़े।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि कभी इस दुनिया पर भरोसा मत करना। समाज की कड़वी सच्चाई बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जगत बड़ा अजीब है; यहां मुर्दों को उठाया जाता है और जिंदा को गिराया जाता है।
कथा के दौरान मंच पर अमीर और गरीब के बीच के अंतर को देखकर वे काफी दुखी नजर आए। उन्होंने कहा कि लुधियाना में अमीर लोग मंच पर आकर फोटो खिंचवाकर चले गए, जबकि गरीब आदमी भीड़ में सिर्फ ताली बजाता रह गया। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में जिसके पास पैसा नहीं है, उसे कोई नहीं पूछता।
इस दौरान गला रुंधने पर उन्होंने अपने संघर्ष के दिन भी याद किए। उन्होंने बताया कि कैसे उनके परिवार ने 15 साल तक झोपड़ी में रहकर गरीबी काटी है। उन्होंने लोगों को सीख दी कि कभी दुनिया वालों से कुछ मत मांगना, मांगना है तो सिर्फ भगवान से मांगना।

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