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देश में 100 से ज़्यादा सवर्ण सांसद बैठे हैं,
फिर भी UGC जैसा कानून बिना विरोध के आ गया।
इसका मतलब साफ़ है— मुद्दा संख्या का नहीं, नीयत का है, इन नेताओं की प्राथमिकता समाज नहीं, सत्ता है।
चुनाव के समय सवर्ण याद आते हैं, लेकिन नीति बनाते वक्त वही समाज सबसे पहले कुर्बान कर दिया जाता है।
आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताए।
UGC के काले कानून को सवर्ण समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। हम सब एक साथ मिलकर इसका कड़ा विरोध करते हैं।
यह हमारे अधिकारों पर हमला है और हम इसे सहेंगे नहीं।
महाआंदोलन की तैयारी शुरू हो चुकी है, सरकार को यह फैसला वापस लेना ही होगा।
सभी साथी एकजुट हो जाएं और अपनी आवाज बुलंद करें!
#ugc_rollback
कल ऋषिकेश स्थित भरत मंदिर झंडा चौक प्रांगण में आयोजित बसंतोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता का सौभाग्य मिला। इस पावन आयोजन के लिए मैं आदरणीय महंत परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। उनके उत्साहवर्धन एवं बसंतोत्सव की शुभकामनाओं से पूरा वातावरण ऊर्जा और उल्लास से भर उठा।
अपने सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से गढ़वाली और कुमाऊँनी गीत गाकर देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को नमन करने का अवसर मिला।
उत्तराखंड की जनता से मिला अपार स्नेह, प्रेम और सम्मान मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगा।