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महाराष्ट्र के वाशिम जिले में नकल करते हुए बड़ी संख्या में छात्र पकड़े गए हैं। वाशिम के टो गांव के मैनागिरी विद्यालय में 12वीं बोर्ड की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान बड़े स्तर पर छात्रों द्वारा नकल करने मामला सामने आया है। भौतिक विज्ञान (Physics) के पेपर के दौरान छात्रों द्वारा सामूहिक नकल किए जाने का खुलासा हुआ हुआ। शिक्षा विभाग की टीम ने अचानक छापा मारते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राथमिक शिक्षा अधिकारी संजय ससाणे के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में एक साथ 581 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। स्कूल में कुल 584 छात्र 12वीं की परीक्षा दे रहे थे, इनमें से 581 छात्र नकल करते हुए पकड़ लिए गए।

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नई दिल्ली के द्वारिका के बाइक सवार 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की जान लेने वाली स्कॉर्पियो को एक नाबालिग चला रहा था और उस कार के अंदर उसकी बहन वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। ये वीडियो जारी किया गया है जिसमें एक्सीडेंट का खौफनाक मंजर दिख रहा है। रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो से दिल्ली की सड़क पर हुए उस भयावह हादसे के बारे में नए खुलासे हुए हैं। फुटेज में वह क्षण कैद है जब बाइक सवार साहिल को सड़क पर जा रही एसयूवी ने 3 फरवरी को टक्कर मारी थी।

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The Mahashivratri celebration at the Isha Foundation turned the night into a stunning blend of grand lighting, soulful music and powerful spiritual performances. Thousands of young participants gathered to meditate, chant and celebrate devotion through the night.
Guided by Sadhguru, the event continues to inspire youth to reconnect with spirituality in a modern, engaging and meaningful way.🔱🌼✨

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अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा।

— धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

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अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा।

— धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

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अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा।

— धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

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स्वाति मालीवाल को खुद बदलने की ज़रूरत नहीं थी बस गलत संगत से अलग होने की ज़रूरत थी। कहते हैं न, गलत संगत इंसान को धीरे-धीरे बर्बाद कर देती है, और उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

आज उन्हें देखिए। वह लगातार सही मुद्दे उठा रही हैं और आम लोगों की असली परेशानियों पर खुलकर बोल रही हैं। खासतौर पर उन्होंने जिस तरह अस्पतालों की लूट पर सवाल खड़े किए हैं, वह कड़वी सच्चाई को सामने लाता है।

उन्होंने साफ कहा कि जैसे ही किसी अस्पताल को पता चलता है कि मरीज के पास हेल्थ इंश्योरेंस है, इलाज से पहले कमाई शुरू हो जाती है। बिना ज़रूरत की जांचें लिख दी जाती हैं, बिल फुला दिए जाते हैं और सिर्फ टेस्ट के नाम पर 20-25 हज़ार रुपये वसूल लिए जाते हैं, जबकि असली इलाज अभी शुरू भी नहीं होता।

यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों का रोज़ का अनुभव है। आज स्वाति मालीवाल ज़मीन से जुड़े मुद्दों पर बात कर रही हैं, जिन पर अक्सर पर्दा डाल दिया जाता है। उनकी यह साफ सोच दिखाती है कि जब इंसान गलत प्रभाव से बाहर निकलकर लोगों के लिए आवाज़ उठाता है, तो उसकी बात में दम और असर दोनों होते हैं।

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लीसा लियू ने टीचर की नौकरी छोड़कर ताबूत का बिजनेस शुरू किया और इसे एक सफल अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बदल दिया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, उनके कंपनी से हर साल करीब 40,0 00 ताबूत निर्यात कर लगभग 6 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपये) कमाई करता है.

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