Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
माता सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव नामके गांव में हुआ था।
उनकी माता का नाम लक्ष्मीबाई और पिता का नाम खंडोजी था।
उनका विवाह 9 साल की उम्र में 13 साल के ज्योतिराव फुले से हुआ था।
उन्होंने 17 साल की उम्र में उनके पति महामना ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महाराष्ट्र के पुणे में अपने भारत देश का पहला लड़कियों के लिए स्कूल खोला था।
दलित चिंतक महामना ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने स्त्रियों के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सतीप्रथा, बाल विवाह, विधवा-विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
अंत समय तक मानवतावादी करते हुए महाराष्ट्र मे फैले प्लेग के मरीजों की देखभाल करते हुए 10 मार्च 1897 को उनका निर्वाण हुआ।