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बड़ी खबर - यूपी के कुंडा विधायक राजा भैया ने कहा, "मंदिरों की दीवारों पर गुंबद बनाने से धर्मनिरपेक्ष संस्कृति का निर्माण नहीं हो सकता। अगर आप बाबर और औरंगजेब का अनुसरण करेंगे तो शांति की कोई गारंटी नहीं है।"
उन्होंने कहा, ''यह हमारा सौभाग्य है कि हमने अपने जीवनकाल में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर देखा.''
"मंदिर को आक्रमणकारियों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। ज्ञानवापी सेलर में पूजा सैकड़ों वर्षों से चल रही थी लेकिन 1993 में यूपी सरकार (एसपी) ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया।"
अभी जो दिल्ली की शिक्षा मंत्री बनी है अतिशी मारलेना उनके पिता का नाम विजय सिंह और माता का नाम तृप्ति वाही है
अतिशी मारलेना के माता-पिता दोनों कट्टर कम्युनिस्ट हैं इन्होंने कई बार नक्सली संगठनों को मदद दिया है और यह इतने कट्टर माओवादी हैं कि जब इनकी बेटी पैदा हुई तब उन्होंने उसका नाम आतिशी मारलेना रखा यानी कार्ल मार्क्स के नाम से mar और लेनिन के नाम से lena रखा यानी दुनिया का सबसे यूनिक सरनेम मारलेना रखा
उधर कार्ल मार्क्स के देश जर्मनी और लेनिन के देश रूस में इन दोनों को पूछने वाला कोई नहीं लेकिन भारत में उनके भी पुजारी भरे पड़े हैं
जब अतिशी मारलेना दिल्ली लोकसभा का चुनाव लड़ रही थी तब इस के नाम से लोगों को यह लग रहा था कि यह ईसाई है फिर इसने कोर्ट में एफिडेविट देकर ऐलान किया कि वह अपने नाम का सरनेम मारलेना से हटाकर सिंह कर रही है
लेकिन सबसे आश्चर्य बात यह है कि आतिशी मारलेना के माता पिता विजय सिंह और तृप्ति वाहि अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ अभियान चलाया था राष्ट्रपति को पत्र लिखा था और याकूब मेमन की माफी की याचिका पर भी हस्ताक्षर किए थे
अब सोचिए कितने नीच महिला के हाथ में केजरीवाल ने दिल्ली का शिक्षा विभाग दिया है
यानी केजरीवाल ने पहले लोमड़ भगाया तो लोमड़ी लाकर बिठा दिया