17 w - Translate

सुरक्षित सड़कों से लेकर बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट तक, वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर भूजल को फिर से ज़िंदा करने तक— इन Civil Servants ने सही मौके का इंतज़ार नहीं किया।
जो था, उसी के साथ काम किया और बदलाव की मिसाल खड़ी कर दी।
National Civil Services Day पर मिलिए ऐसे 5 अधिकारियों से, जो चुपचाप भारत को बेहतर बना रहे हैं।
#nationalcivilservicesday #inspiring

image
17 w - Translate

सुरक्षित सड़कों से लेकर बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट तक, वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर भूजल को फिर से ज़िंदा करने तक— इन Civil Servants ने सही मौके का इंतज़ार नहीं किया।
जो था, उसी के साथ काम किया और बदलाव की मिसाल खड़ी कर दी।
National Civil Services Day पर मिलिए ऐसे 5 अधिकारियों से, जो चुपचाप भारत को बेहतर बना रहे हैं।
#nationalcivilservicesday #inspiring

image
17 w - Translate

सुरक्षित सड़कों से लेकर बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट तक, वन्यजीवों की सुरक्षा से लेकर भूजल को फिर से ज़िंदा करने तक— इन Civil Servants ने सही मौके का इंतज़ार नहीं किया।
जो था, उसी के साथ काम किया और बदलाव की मिसाल खड़ी कर दी।
National Civil Services Day पर मिलिए ऐसे 5 अधिकारियों से, जो चुपचाप भारत को बेहतर बना रहे हैं।
#nationalcivilservicesday #inspiring

imageimage
17 w - Translate

ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नमः 🙏
वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है, इसे गंगा जयंती या गंगा पूजन भी कहा जाता है।
वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित होने के कारण इस दिन को जान्हु सप्तमी भी कहा जाता है, जान्हु ऋषि की पुत्री होने के कारण ही माँ गंगा का एक नाम जान्हवी भी है।
गंगा सप्तमी पूजा विधि:
1. स्नान से दिन की शुरुआत करें: प्रातः काल गंगा नदी में स्नान करें या गंगा जल की कुछ बूंदें अपने स्नान जल में डालें।
2. पूजन सामग्री तैयार करें: माँ गंगा की पूजा के लिए फल, फूल, धूप, दीप, और मिठाई तैयार रखें।
3. माँ गंगा की आरती: स्नान के बाद गंगा माँ की आरती करें और उन्हें पुष्प अर्पित करें।
4. ध्यान और प्रार्थना: शांत मन से ध्यान करें और प्रार्थना में अपने पितरों की शांति के लिए गंगा माँ से आशीर्वाद मांगें।
5. दान का महत्व: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य सामग्री का दान करें।
गंगा सप्तमी के इस दिन उपरोक्त विधियों का पालन करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होगा और आपके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होगी।

image
17 w - Translate

भाखरी गांव जोधपुर राजस्थान के लाल त्रिलोक सिंह राठौड़ का 20वीं रैंक पर IAS में फाइनल चयन होने पर हार्दिक बधाई अनंत शुभकामनाएं।
समाज के होंनहार भाई को सभी बधाई नहीं दोगे?

image
17 w - Translate

UGC काले कानून के विरोध में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का बयान, कितने भाई राजा भैया का समर्थन करते है, कमेंट में हाजिरी लगाओ।

image
17 w - Translate

कितने भाई ठाकुर बृजभूषण शरण सिंह जी के इस बयान का समर्थन करते है? सभी लिखे UGC Rollback

आरक्षण कम था क्या, जो अब UGC
के नए नियमों का ज़हर बच्चों के भविष्य
में घोला जा रहा है? ऐसे नियम जो
छात्र-छात्राओं के बीच जातीय खाई और
गहरी करेंगे।

image
17 w - Translate

UGC काले कानून के बाद अब देश का सवर्ण समाज अब न बीजेपी के साथ है और न कांग्रेस के साथ, दोनों पार्टी ने हमें फालतू समझ लिया, इसलिए अब सवर्ण पार्टी बनेगी और सरकार भी हमारी बनेगी, कितने भाई सहमत है, कमेंट में राय जरूर दे।

image
17 w - Translate

राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के स्वयंसेवकों ने मुलाकात की। इन स्वयंसेवकों ने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन स्वयंसेवकों ने भी भेंट की, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सेवा भाव के साथ एन.एस.एस. से जुड़ना युवाओं के लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे वैश्विक महत्व के मंच पर उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में देखा जाता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त स्वयंसेवकों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान लाखों युवाओं में से चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे समाज में ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि स्वयंसेवक एन.एस.एस. के मूल सिद्धांतों- सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समाज में पहुंचाने का कार्य करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, राज्य एन.एस.एस. अधिकारी सुनैना रावत आदि उपस्थित रहे।

image
17 w - Translate

राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के स्वयंसेवकों ने मुलाकात की। इन स्वयंसेवकों ने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन स्वयंसेवकों ने भी भेंट की, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सेवा भाव के साथ एन.एस.एस. से जुड़ना युवाओं के लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे वैश्विक महत्व के मंच पर उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में देखा जाता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त स्वयंसेवकों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान लाखों युवाओं में से चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे समाज में ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि स्वयंसेवक एन.एस.एस. के मूल सिद्धांतों- सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समाज में पहुंचाने का कार्य करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, राज्य एन.एस.एस. अधिकारी सुनैना रावत आदि उपस्थित रहे।

image