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ऋषिकेश भरत मंदिर ऑडिटोरियम में योगेंद्र पब्लिक स्कूल के 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर स्कूल प्रबंधन एवं बच्चों को शुभकामनाएं प्रेषित करी।।

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अब चीन के लोग हवाई जहाज़ छोड़कर ट्रेन से सफर करेंगे क्योंकि चीन ने दुनिया की पहली Vaccum High-Speed Train का सफल परीक्षण किया है, जो 1000 km/h की रफ्तार से दौड़ती है - यानी एक एयरप्लेन से भी तेज़ !

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यूपी सरकार ने दिया दीप्ति शर्मा को प्रमोशन बन गई अब दीप्ति "डीएसपी साहिबा " प्लेयर ऑफ़ द सीरीज बनी दीप्ति पर सरकार मेहरबान बधाई हो

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कानपुर में एक पान बेचने वाले ने अपनी पत्नी को सरप्राइज देने के लिए एक साल तक 20 रुपये के सिक्के जमा किए। उसने कुल 1 लाख रुपये के सिक्के इकट्ठा कर लिए और सोने की चेन खरीदने ज्वेलर के पास पहुंचा।

पहले तो ज्वेलर ने सिक्के लेने से मना किया, लेकिन युवक की कहानी सुनकर वह भावुक हो गया। उसने बिना सिक्के गिने ही युवक को सोने की चेन दे दी। युवक यह गिफ्ट करवा चौथ पर देना चाहता था।

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पहला दिन, पहली पोस्टिंग,

पहली रिश्वत
मिलिए मिताली शर्मा से, जिन्हें सहायक रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति के पहले ही दिन 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

कोडरमा, झारखंड में

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🎉🎂👑 हैप्पी बर्थडे किंग कोहली! 👑🎂🎉
🔥 रन मशीन का नाम ही काफी है 💪
हर रिकॉर्ड झुकता है विराट के आगे 🙌
जुनून, जज़्बा और जेंटलमैन का परफेक्ट मेल ❤️
💐 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
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555 बीड़ी' के मालिक सुरेश अग्रवाल को उनके बेटे नरेश ने गोली मारी फिर खुद भी दी जान, मथुरा के बंगले में रात 9 बजे ऐसा क्या हुआ?'555 बीड़ी' ब्रांड का नाम आपने कभी ना कभी सुना ही होगा. बीड़ी मार्केट में ये ब्रांड किसी पहचान का मुहताज नहीं है.देश के कई राज्यों में इस बीड़ी का जबरदस्त बिजनेस है. इस बीड़ी के मालिक का नाम था सुरेश चंद्र अग्रवाल. दशकों पहले सुरेश अग्रवाल ने बीड़ी का कारोबार शुरू किया था और कुछ ही समय में इसे बीड़ी का एक बड़ा ब्रांड बनाया था. सुरेश कुमार अग्रवाल के कारोबार की सफलता और उनकी जिंदगी की कहानी फर्श से अर्श पर उठने वाली कहानी थी. 75 साल के सुरेश अब अपने परिवार के साथ मथुरा में रह रहे थे. मगर उम्र के इस पड़ाव पर आकर सुरेश चंद्र अग्रवाल को अपने ही बेटे के हाथों मौत मिली है. बता दें कि सुरेश चंद्र अग्रवाल को उनके मझले यानी बीच के बेटे ने ही गोली मार दी है. अपने पिता की हत्या करने के बाद बेटे ने खुद को भी गोली मार ली और अपनी जान दे दी.
मशहूर कारोबारी और दिनेश-555 बीड़ी कंपनी के मालिक सुरेश चंद्र अग्रवाल को उनके बेटे नरेश अग्रवाल ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस वारदात को नरेश ने परिवार के बंगले में ही अंजाम दिया. पिता की हत्या के बाद नरेश ने खुद भी गोली मारकर अपनी जान दे दी. इस हत्याकांड के लिए नरेश ने अपनी लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया. बता दें कि 31 अक्टूबर की रात दोनों पिता-बेटे की मौत हो गई.
नरेश ने क्यों मारी पिता को गोली?
करोड़ों-अरबों के मालिक, पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में बेशकीमती संपत्तियों के मालिक सुरेश चंद्र अग्रवाल की हत्या आखिर उनके बेटे ने क्यों की? आखिर वृंदावन के गौरा नगर कॉलेनी में स्थित अग्रवाल परिवार के उस घर में 31 अक्टूबर के दिन ऐसा क्या हुआ, जिसमें नरेश अपने ही पिता का हत्यारा बन गया और फिर खुद भी अपनी जान ले ली? अब तक इस मामले में जो पता चला है, उसे हम आपको बताते हैं.
हमारे सहयोगी दी लल्लनटॉप की खबर के मुतबिक, अग्रवाल परिवार की तरफ से बताया गया है कि 31 अक्टूबर की शाम नरेश और उसके पिता सुरेश के बीच शराब को लेकर विवाद हुआ था. नरेश घर में शराब पी रहा था. पिता सुरेश ने इस बात का विरोध किया था. रात करीब 9 बजे दोनों बाप-बेटे के बीच इसको लेकर विवाद बढ़ गया था. इसी बीच शराब के नशे में नरेश ने अपना लाइसेंसी हथियार निकाल लिया और अपने पिता पर फायर कर दिया.
माना जा रहा है कि पिता पर गोली चलाने के बाद उसे अफसोस हुआ. इसी दौरान उसने खुद को भी कथित गोली मार ली और अपनी जान दे दी. घर से गोली की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे. पिता सुरेश और बेटा नरेश खून से लथपथ एक कमरे में पड़े हुए थे. परिजन दोनों को लेकर फौरन अस्पताल गए. मगर डॉक्टरों ने देखते ही दोनों को मृत घोषित कर दिया.
कई राज्यों में फैला है 555 बीड़ी का कारोबार
सुरेश चंद्र अग्रवाल ने दशकों पहले बीड़ी का काम शुरू किया था. आज उनका ये कारोबार पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में फैला हुआ है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो सुरेश अग्रवाल के तीनों बेटे इसी कारोबार में लगे हुए हैं. नरेश और उसका छोटा भाई मथुरा में ही कारोबार संभालते हैं तो एक भाई पश्चिम बंगाल में कारोबार संभालता है. सुरेश अपने 2 बेटों और उनके परिवारों के साथ मथुरा वाले घर पर ही रहते थे.
नरेश को थी शराब की लत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरेश अग्रवाल का बेटे नरेश भी समाजसेवा में लगा रहता था. वह भी पिता के साथ कारोबार संभालता था. लोगों का कहना है कि नरेश में शराब पीने की लत थी और वह बहुत जल्द आपा खो देता था. माना जा रहा है कि इसी वजह से नरेश ने अपने पिता पर गोली चला दी और फिर खुद को भी गोली मार दी. इस कांड ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया है. बता दें कि नरेश भी अपने पीछे अपनी पत्नी और बेटा-बेटी को छोड़कर गया है.
पुलिस ने दी मामले को लेकर जानकारी
इस पूरे मामले को लेकर (सीओ सदर) संदीप कुमार ने बताया, दिनेश बीड़ी के मालिक सुरेश चंद्र को उनके बेटे ने लाइसेंस रिवाल्वर से गोली मारी है. फिर उसने खुद को भी गोली मारी है. मामले की जांच की जा रही है. माना जा रहा है कि शराब को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ और ये घटना घटी.

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