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सर्वोच्च न्यायालय के एक प्रकरण के निर्णय ने भाजपा की चोर बाज़ारी और काले कारनामों को उजागर कर दिया।
“ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” के जुमले की हवा निकल गई और मगरमच्छ की तरह खाने वाला मुँह भी दिख गया और ऐसे ही मित्रों के मुँह में भी देश की सम्पदा ठूँसी होगी।
बहुत शोर मचाते थे-
“कांग्रेस ने जो 70 साल में नहीं किया वो मोदी जी ने 10 साल में कर दिया”
यह प्रमाणित हो गया।
अभी तो परतें खुलना बाक़ी है, जब यह सामने आएगा कि किसने कितना धन दिया !
BIG NEWS 🚨 Haryana CM Manohar Lal Khattar claimed that protestors are carrying many other materials along with the tractor.
CM : "It is evident that they are getting support from somewhere or the other. We have to maintain law & order"
CM Khattar blamed the AAP Govt. He said "Last time also, the people of Haryana had to face a lot of trouble."
Frontline Recruitment: How This Manpower Recruitment Agency in Nepal Is Tackling the Challenge of Skill Mismatch :
In the dynamic landscape of the global job market, Nepal faces a critical challenge that resonates across its borders: the issue of skill mismatch. This phenomenon, where the skills of the workforce do not align with the demands of the job market, has become a significant barrier to economic development and employment in Nepal. Recognizing the urgency of this issue, Frontline Recruitment, a reputable manpower recruitment agency in Nepal is stepping up with innovative strategies to bridge this gap, ensuring that the Nepalese workforce is not only employed but also aligned with the global market's needs.
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कर्नल पुरोहित का पाकिस्तान में जासूसी नेटवर्क इतना मजबूत था कि आतंकी हाफिज सईद और लख्वी तक उनसे डरते थे।
स्तब्ध कर देने वाला खुलासा, जरूर पढ़ें
कर्नल पुरोहित 9 साल बाद नवी मुंबई की तालोजा जेल से रिहा हो गए हैं। उनकी रिहाई के बाद कई खुलासे सामने आ रहे हैं। एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा।
डाटा वैज्ञानिक गौरव प्रधान ने किया है। डॉक्टर गौरव प्रधान ने कई बड़े नेताओं पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जानी बेहद जरूरी हो गयी है।
2010 में होनी थी सोनिया गाँधी और हाफिज सईद की मुलाकात?
डॉक्टर प्रधान ने खुलासा किया है कि 2010 में सोनिया गाँधी और हाफिज सईद की मुलाकात होनी थी। पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद इटालियन माता से 2010 में मिलना चाहता था, मगर इटालियन माता ने इंकार कर दिया क्योंकि इसमें काफी रिस्क था।
वैसे सोनिया गांधी की आतंकियों से हमदर्दी कोई नयी बात नहीं है, इससे पहले पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी आजमगढ़ की चुनावी रैली में कबूल कर चुके हैं कि बाटला हाउस एनकाउंटर में आतंकियों के मारे जाने की तस्वीरें देखकर सोनिया गांधी रो पड़ी थी।
दाऊद को बचाने के लिए अजित डोवाल को करवाया गिरफ्तार?
डॉक्टर प्रधान ने ये भी खुलासा किया कि 2005 में सोनिया मनमोहन की सरकार के दौरान आज के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया था, क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान मे बैठे दाऊद को मारने की पूरी योजना बना ली थी।
पाकिस्तान के कहने पर कर्नल पुरोहित को किया गिरफ्तार!
डॉक्टर गौरव प्रधान ने ये भी खुलासा किया कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमले से ठीक पहले ही कर्नल पुरोहित को गिरफ्तार किया गया, क्योंकि कर्नल पुरोहित सेना के जासूस थे और 26/11 आतंकी हमले के प्लान के बारे में जानते थे।
डॉ गौरव ने ये भी बताया कि कर्नल पुरोहित की पत्नी अपर्णा पुरोहित ने कहा था कि पाकिस्तान चाहता था कि कर्नल पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया जाए और सोनिया मनमोहन सरकार भी इसके बारे में विचार भी कर रही थी।
अपने खुफिया मिशन के दौरान कर्नल पुरोहित पाकिस्तान के कई संवेदनशील और नापाक राज जान गए थे, कर्नल पुरोहित का बड़ा जासूसी नेटवर्क भी पाकिस्तान में खुफिया जानकारियां जुटा रहा था। इसीलिए पाकिस्तान कर्नल पुरोहित की कस्टडी की मांग कर रहा था।
गौरव प्रधान ने आगे खुलासा किया कि पाकिस्तानी जनरल पाशा के कहने पर ही कर्नल पुरोहित को ठीक 26/11 आतंकी हमले से पहले गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि पाकिस्तानियों को शक था कि कर्नल पुरोहित को इस आतंकी हमले की भनक लग चुकी थी और वो हमले को विफल कर सकते थे।
कश्मीरी और कोंग्रेसी नेता आतंकियों की मदद करते थे?
इसके बाद डॉक्टर प्रधान ने और भी ज्यादा सनसनीखेज खुलासे करते हुए बताया कि कर्नल पुरोहित को पता चल गया था कि एक कश्मीरी नेता जो जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री भी था, वो और कोंग्रेसी नेता “मिया आज़ाद” (गुलाम नबी आज़ाद) एक ही गाड़ी में घुमते थे और उनके साथ उसी गाडी में आतंकी भी घूमते थे। गाड़ी पर लाल बत्ती लगी होने के चलते किसी को कानो कान खबर तक नहीं होती थी। इसी नेता की गाड़ी का इस्तेमाल करके 2005 से लेकर 2010 तक कश्मीर में पैसों की फंडिंग में भी की गयी।
हिन्दू आतंकवाद जुमले को साबित करने की साजिश?
डॉक्टर गौरव प्रधान ने खुलासा किया कि 26/11 मुंबई हमले का पूरा षड्यंत्र हिन्दुओ को आतंकी घोषित करने के लिए पाकिस्तान ने रचा था, ताकि इस्लामिक कट्टरपंथी आतंकियों पर से ध्यान हटाया जा सके। प्लान था कि आतंकी हमला करने के बाद सभी आतंकियों को मार दिया जाएगा और इस हमले को भी हिन्दू आतंकवाद से जोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि “26/11 आरएसएस की साजिश” नाम की किताब तो पहले से छाप कर रख ली गयी थी, जिसका विमोचन कोंग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने खुद किया था। गौरव प्रधान ने खुलासा किया कि जब आतंकी मुंबई में घुसे, उससे पहले ही देश के कई नेता इसके बारे में जानते थे और उन्होंने हेमंत करकरे को ख़ास निर्देश दिए थे कि एक भी आतंकी ज़िंदा ना बचने पाए।
मगर सिपाही तुकाराम ओम्बले ने कांग्रेस और पाकिस्तान की सारी योजना पर पानी फेर दिया और आतंकी कसाब को जिन्दा पकड़ लिए गया। आतंकियों ने हेमंत करकरे को पहचाना नहीं और धोखे से उन्हें गोली मार दी।
पी चिदंबरम सुशील कुमार शिंदे अहमद पटेल और सोनिया गांधी का साजिश में हाथ?
इस पूरी साजिश के पीछे डॉक्टर प्रधान ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम, पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और अहमद पटेल का नाम लिया। उन्होंने साजिश के पीछे इटालियन आंटी कहते हुए सोनिया गाँधी की और भी इशारा किया।
लाल कृष्ण आडवाणी नरेंद्र मोदी और बाल ठाकरे को मारने की साजिश?