Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा आगरा की कैद से बचकर निकल जाने पर औरंगज़ेब को बड़ा मलाल रहा। जीवन के आखिरी वक्त में उसने अपने वसीयतनामे में लिखा था कि
"राजकाज ढंग से चलाना हो तो वतन में होने वाले हर एक बड़े वाकिये की ख़बर रखना जरूरी होता है, वरना एक वक़्त की लापरवाही से बहुत दिनों तक शर्म झेलनी पड़ती है। वह शिवाजी हमारे नौकरों की बेपरवाही से भाग निकला और उसके लिए हमको ज़िंदगी के आख़िर तक तकलीफ़ों वाली लड़ाइयों में उलझे रहना पड़ा।"