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महाराणा प्रताप सिंह जी की भतीजी किरण देवी ने कैसे अकेले अकबर को घुल चटा दी थी? अकबर प्रतिवर्ष दिल्ली में नौरोज़ का मेला आयोजित करवाता था।
अकबर इस मेले में महिला की वेष-भूषा में जाता था और जो महिला उसे मंत्र मुग्ध कर देती। उसे दासियाँ छल कपट से अकबर के सम्मुख ले जाती थी।

एक दिन नौरोज़ के मेले में महाराणा प्रताप सिंह जी की भतीजी, छोटे भाई महाराज शक्तिसिंह जी की पुत्री मेले की सजावट देखने के लिए आई।
जिनका नाम बाईसा किरणदेवी था।
जिनका विवाह बीकानेर के पृथ्वीराज जी से हुआ था।
बाईसा किरणदेवी की सुंदरता को देखकर अकबर अपने आप पर क़ाबू नहीं रख पाया, और उसने बिना सोचे समझे दासियों के माध्यम से धोखे से ज़नाना महल में बुला लिया।
जैसे ही अकबर ने बाईसा किरणदेवी को स्पर्श करने की कोशिश की,
किरणदेवी ने कमर से कटार निकाली और अकबर को ऩीचे पटक कर उसकी छाती पर पैर रखकर कटार गर्दन पर लगा दी।
और कहा नींच....नराधम, तुझे पता नहीं मैं उन महाराणा प्रताप की भतीजी हूँ।
जिनके नाम से तेरी नींद उड़ जाती है।
बोल तेरी आख़िरी इच्छा क्या है?
अकबर का ख़ून सूख गया।
कभी सोचा नहीं होगा कि सम्राट अकबर आज एक राजपूत बाईसा के चरणों में होगा।
अकबर बोला: मुझसे पहचानने में भूल हो गई....मुझे माफ़ कर दो देवी।
इस पर किरण देवी ने कहा: आज के बाद दिल्ली में नौरोज़ का मेला नहीं लगेगा।
और किसी भी नारी को परेशान नहीं करेगा।
अकबर ने हाथ जोड़कर कहा आज के बाद कभी मेला नहीं लगेगा।
उस दिन के बाद कभी मेला नहीं लगा।
इस घटना का वर्णन
गिरधर आसिया द्वारा रचित सगत रासो में 632 पृष्ठ संख्या पर दिया गया है।
बीकानेर संग्रहालय में लगी एक पेटिंग में भी इस घटना को एक दोहे के माध्यम से बताया गया है!
किरण सिंहणी सी चढ़ी
उर पर खींच कटार..!
भीख मांगता प्राण की
अकबर हाथ पसार....!!
अकबर की छाती पर पैर रखकर खड़ी वीर बाला किरन का चित्र आज भी जयपुर के संग्रहालय में सुरक्षित है।

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मुहम्मद गौरी का अंतिम घडी😄😄😄 #दादा_पृथ्वीराज_चौहान ❤️❤️❤️

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“ऐसे सौभाग्य से मैं वैधव्य को बुर नहीं समझती। दरिद्र प्राणी उस धनी से कहीं सुखी है, जिसे उसका धन सांप बनकर काटने दौड़े। उपवास कर लेना आसान है, विषैला भोजन करन उससे कहीं मुंश्किल”

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प्रियंका गाँधी ने मेरे पति से कहा था,

"अदिति सिंह के चरित्र को बदनाम करो, तब दूँगी कांग्रेस से टिकट।"

रायबरेली की विधायक अदिति सिंह का बड़ा खुलासा।

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उत्तर प्रदेश में बड़ा बवाल !

पहले उस्तरे से दो हिन्दू बच्चों का गला काटा,

फिर दोनों भाईयों का पिया खून।

घर के सामने ही नाई की दुकान चलाता था मोहम्मद जावेद।

हिन्दू परिवार के घर में घुसकर मोहम्मद जावेद ने दो सगे भाइयों की गला काटकर की हत्या।

आरोपी मोहम्मद जावेद का UP पुलिस ने किया एनकाउंटर।

उसी मोहम्मद साजिद के यहां हमेशा बाल कटवाते थे..

उसने ही मेरे दो भाईयों को काटकर उसका खून पी लिया..

: जान बचाकर भागा मृतक का भाई

सिर्फ एक दिन पहले ही पैसा दिया था

हमने मोहम्मद जावेद और साजिद की मदद थी,

उसकी पत्नी गर्भवती थी, हमने उसे 5000 रुपये भी दिए थे,

पहले वो ऊपर गया, मेरे बच्चों से पानी मंगवाया,

पानी पीने के बाद उसका गला काट दिया।

मेरा तीसरा बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागा।

: बदायूं में मृतक बच्चों की मां