Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
अमेरिका में जब रेलवे ट्रैक का विस्तार हुआ तब कई रेल कंपनियों में रेलवे ट्रैक बिछाकर खूब सारी ट्रेन चला कर पैसे कमाने की होड़ मच गई!
लेकिन पूर्वी अमेरिका को पश्चिम अमेरिका को जोड़ते समय बीच में एक बेहद विशाल समुद्र जैसी झील थी जो अमेरिका की सबसे बड़ी झील है जिसका नाम द ग्रेट साल्ट लेक है।
बड़े-बड़े इंजीनियर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी इस झील के आर पार रेलवे ट्रैक कैसे बिछाया जाए।
यूनियन पेसिफिक की टीम में एक इंजीनियर था जिसने रामायण पढ़ी थी और उसे रामसेतु के बारे में जानकारी थी वह भारत आया और राम सेतु का अध्ययन किया तब उसके दिमाग की घंटी बज गई और उसने यह पता लगा लिया कि यदि हम झील में एकदम सीधी रेलवे लाइन बिछाएंगे तब यह रेलवे ट्रैक लहरों से टूट सकता है और उसने ठीक रामसेतु के डिजाइन पर अपना रेलवे ट्रैक बनाया वो ट्रेक पिछले 60 सालों से अमेरिका में वही का वही खड़ा है और सेवा दे रहा है..
दरअसल जहां पर पानी लहरदार होती है वहां जिग जेग डिजाइन से ही स्टेबिलिटी मिलती है!
और रामसेतू का कार्य मुनिन्द्र ऋषि की कृपा से हुआ जो नल नील के गुरू थे ।
जय श्री राम 🚩
स्त्री नख से शिख तक सुन्दर होती है...
पुरुष नहीं। ...पुरुष का सौंदर्य उसके चेहरे पर तब उभरता है जब वह अपने साहस के बल पर ...विपरीत परिस्थितियों को भी अनुकूल कर लेता है।
गांव के बुजुर्ग कहते हैं....पुरुष की प्रतिष्ठा उसकी स्त्री तय करती है और स्त्री का सौंदर्य उसका पुरुष... दोनों के बीच समर्पण हो तभी उनका संसार सुन्दर होता है।
🌹 प्रभु श्री राम भक्त हनुमान जी 🌹
‼️ने.. ये तीन काम छोड़े..👇‼️
🚩 हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते हैं, क्योंकि हनुमान जी ने तीन काम किए..!!
माना जाता है कि जो जातक यह तीन कार्य कर लेता है, भगवान उसका साथ कभी नहीं छोड़ते, हमेशा उसपर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
1. हनुमान जी ने नाम छोड़ा‼️
हनुमान जी ने अपना कोई नाम नहीं रखा। हनुमान जी के जितने भी नाम हैं, सभी उनके कार्यों के कारण पड़े हैं। एक दिन जब हनुमान जी से पूछा तो कि आपने अपना कोई नाम क्यों नहीं रखा तो हनुमान जी बोले, नाम तो दो ही सुंदर हैं राम और कृष्ण। विभीषण जी के पास जब हनुमान जी गए तो विभीषण जी बोले, आपने भगवान की इतनी सुंदर कथा सुनाई, आप अपना नाम तो बताइये। हनुमान जी बोले,
🌼 प्रात लेई जो नाम हमारा ,🌺
🌷 तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।🌻
अर्थात प्रात: काल हमारा नाम जो लेता है, उस दिन उसे आहार तक नहीं मिलता। हनुमान जी ने नाम छोड़ा और हम नाम के पीछे ही मरे जाते हैं।
2. हनुमान जी ने रूप छोड़ा‼️
हनुमान जी बंदर का रूप लेकर आये! हनुमान जी से किसी ने पूछा, आप रूप बिगाड़कर क्यों आये तो हनुमान जी बोले यदि मैं रूपवान हो गया तो भगवान पीछे रह जाएंगे। इस पर भगवान बोले, चिंता मत करो हनुमान मेरे नाम से ज्यादा तुम्हारा नाम होगा और ऐसा हुआ भी राम के दरबार में पहला दर्शन हनुमान का ही होता है। (राम द्वारे तुम रखवाले)।
3. हनुमान जी ने यश छोड़ा‼️
एक बार भगवान वानरों के बीच में बैठे थे, सोचने लगे हनुमान तो अपने मुख से स्वयं कहेंगे नहीं, इसलिए हनुमान की बड़ाई करते हुए बोले, हनुमान तुमने इतना बड़ा सागर लांघा जिसे कोई नहीं लांघ सका।
हनुमान जी बोले.. प्रभु इसमें मेरी क्या बिसात... आपके नाम की मुंदरी ने पार लगवा दिया।
🙏 प्रभु मुद्रिका मेल मुख माही... 🌹
भगवान बोले, अच्छा हनुमान चलो मेरी नाम की मुंदरी ने उस पार लगाया फिर जब तुम लौटे तब तो मुंदरी जानकी को दे आए थे फिर लौटते में किसने पार लगाया? इस पर हनुमान जी बोले, प्रभु आपकी कृपा ने (मुंदरी) ने उस पार किया और माता सीता की कृपा (चूड़ामणि) ने इस पार किया। भगवान ने मुस्कराते हुए पूछा, और लंका कैसे जली ?
हनुमान जी बोले...👇
लंका को जलाया.. आपके प्रताप ने...।
लंका को जलाया रावण के पाप ने...।
लंका को जलाया मां जानकी के श्राप ने...।
भगवान ने मुस्कराते हुए घोषणा की...
हे हनुमान... तुमने यश छोड़ा है... इसलिए न जाने तुम्हारा यश कौन-कौन गाएगा..।।
🌹 नासे रोग हरे सब पीरा। 🌼
🌺 जपत निरंतर हनुमत बलबीरा।।🌹
👏🌺 श्री राम जय राम जय जय राम।🌺 👏