Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
अरमान अपनी दोनों पत्नियों के साथ भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट पर पहुंचे थे.
भारती ने सवाल किया आदमी चोरी करें, नशा करें सब ठीक है लेकिन दूसरी वाइफ कैसे बर्दाश्त करें?
इस पर पायल ने जवाब दिया, पहले मैं इनसे प्यार करती थी.. जब से गोलू ( कृतिका ) आई है तब से दोनों से प्यार करती हैं. इसके बाद पायल इमोशनल होगाई.
#armaan #harshlimachiya #kritika #bhartisingh #memes #meme #memespage #bollywood #bollywoodnews #newsfeed #hindibehindtalkies
यदि चारों शंकराचार्य नहीं आ रहे तो क्या हुआ..
कुछ भी नहीं हुआ!
कदाचित प्रभु श्री राम भी नहीं चाहते कि इस अवसर पर आप अयोध्या पधारे!!
क्योंकि,
वो महिला जिसने 30 साल तक राम मंदिर बनने तक न बोलने की कसम खाई थी, वह आ रही है
वह बूढ़ी गरीब औरत, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए ₹20 रुपये दिये थे.. आ रही है....
वो सूर्यवंशी, जिन्होंने राम मंदिर बनने तक कभी जूते या पगड़ी और सर के ऊपर कभी छाता नहीं लिया.. आ रहे हैं....
वो कारसेवक जो अयोध्या गए और बिना ये सोचे कि उनके साथ क्या होगा, उन्होंने अयोध्या जाकर गोली खाई उनके परिवारजन आ रहे हैं, वो साधु आ रहे हैं, जिसने मंदिर बनने तक खाना नहीं खाया.....
गुरु हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं.. लेकिन अगर वे जीवन भर की घटना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, तो हम आपको याद नहीं करेंगे क्योंकि आप लोगों से राम के चरणों की धूल के बराबर भी नहीं है सच कहें तो आप प्रभु श्री राम के चरण रज के अधिकारी ही नहीं।।
कोंडाणा के किले में चढ़ने के लिए तानाजी ने यशवंती नामक गोह प्रजाति की छिपकली का प्रयोग किया था जिसको फ़िल्म में नही दिखाया गया
वर्णन है, चढ़ाई के लिए तानाजी ने अपने बक्से से यशवंती को निकाला, उसे कुमकुम और अक्षत से तिलक किया और किले की दीवार की तरफ उछाल दिया किन्तु यशवंती किले की दीवार पर पकड़ न बना पायी
फिर दूसरा प्रयास किया गया लेकिन यशवंती दुबारा नीचे आ गयी, भाई सूर्याजी व शेलार मामा ने इसे अपशकुन समझा, तब तानाजी ने कहा कि अगर यशवंती इस बार भी लौट आयी तो उसका वध कर देंगे और यह कहकर दुबारा उसे दुर्ग की तरफ उछाल दिया, इस बार यशवंती ने जबरदस्त पकड़ बनाई और उससे बंधी रस्सी से एक टुकड़ी दुर्ग पर चढ़ गई
अंत मे जब यशवंती को मुक्त करना चाहा तो पाया कि यशवंती भी भारी वजन के कारण वीरगति को प्राप्त हो चुकी थी किन्तु उसने अपनी पकड़ नही छोड़ी थी
तो हमारे देश मे होने को तो चेतक और यशवंती जैसे देशभक्त जानवर भी हुए है.