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आज परेड ग्राउंड, देहरादून में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित 4 दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के द्वितीय दिवस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कर उपस्थित कला प्रेमियों एवं नागरिकों को संबोधित किया ।
यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक चेतना का सजीव उत्सव बनकर उभरा, जहाँ लोकधुनों, लोकनृत्यों और जनभागीदारी ने संपूर्ण वातावरण को सांस्कृतिक आलोक से अनुप्राणित कर दिया।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता धामी जी तथा उनकी समर्पित टीम द्वारा समाजहित, जनजागरण, नशा मुक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में किए जा रहे सतत एवं सराहनीय प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उनके नेतृत्व में यह आयोजन सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उत्तराखंड की लोकधरोहर, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन हेतु ऐसे आयोजन निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करते रहें यही मंगलकामना।
Geeta Pushkar Dhami

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आज परेड ग्राउंड, देहरादून में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित 4 दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के द्वितीय दिवस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कर उपस्थित कला प्रेमियों एवं नागरिकों को संबोधित किया ।
यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक चेतना का सजीव उत्सव बनकर उभरा, जहाँ लोकधुनों, लोकनृत्यों और जनभागीदारी ने संपूर्ण वातावरण को सांस्कृतिक आलोक से अनुप्राणित कर दिया।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता धामी जी तथा उनकी समर्पित टीम द्वारा समाजहित, जनजागरण, नशा मुक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में किए जा रहे सतत एवं सराहनीय प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उनके नेतृत्व में यह आयोजन सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उत्तराखंड की लोकधरोहर, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन हेतु ऐसे आयोजन निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करते रहें यही मंगलकामना।
Geeta Pushkar Dhami

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आज परेड ग्राउंड, देहरादून में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित 4 दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के द्वितीय दिवस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कर उपस्थित कला प्रेमियों एवं नागरिकों को संबोधित किया ।
यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक चेतना का सजीव उत्सव बनकर उभरा, जहाँ लोकधुनों, लोकनृत्यों और जनभागीदारी ने संपूर्ण वातावरण को सांस्कृतिक आलोक से अनुप्राणित कर दिया।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती गीता धामी जी तथा उनकी समर्पित टीम द्वारा समाजहित, जनजागरण, नशा मुक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में किए जा रहे सतत एवं सराहनीय प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उनके नेतृत्व में यह आयोजन सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उत्तराखंड की लोकधरोहर, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन हेतु ऐसे आयोजन निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करते रहें यही मंगलकामना।
Geeta Pushkar Dhami

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