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देश के लिए मरना ही RSS की विचारधारा है
जय श्री राम 🚩🚩🚩
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप नया नहीं, लेकिन कल जो दृश्य देखने को मिला, उसने हर किसी को चौंका दिया। दिन भर “विरोध… विरोध…” की आवाज़ें लगाने वाले कांग्रेस नेताओं से जब वास्तविक मुद्दों पर बहस की गई, तो हालात अचानक बदल गए।
जिन नेताओं को सुबह तक पूरा भरोसा था कि वे "SIR” की बातों को गलत साबित कर देंगे, वे शाम होते-होते बहस के मैदान से ऐसे गायब हुए जैसे कोई सच्चाई का सामना करने से डरता हो।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चाएँ तेज हो गई हैं। लोग पूछ रहे हैं—
“क्या विपक्ष का विरोध सिर्फ कैमरे तक सीमित है? क्या वास्तविक मुद्दों पर बात करने की ताक़त खत्म हो चुकी है?”
जो भी हो, कल की घटना ने साफ दिखा दिया कि
सच्चाई का सामना हर कोई नहीं कर पाता… और जब सामने आते हैं, तो शोर करने वाले भी चुप हो जाते हैं।

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किसानो ने मिलकर बनाया है प्रेमानंद महाराज जी का फोटो
#premanandjimaharaj #premanandji #vrindavan #satguru

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पेंसिल्वेनिया की एमी मुलिंस अमेरिकन एथिलीट हैं। यह एक्ट्रेस होने के साथ ही फैशन मॉडल भी हैं। इनके जन्म से ही दोनों पैर खराब हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कृत्रिम पैरों से कमाल करना शुरू किया।

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परीक्षा से पहले पिता की मौत, मां ने फिर भी लिया 27 लाख का कर्ज चार भाई-बहनों की पढ़ाई के लिए 2 लाख का लोन, प्रेरणा ने बेहद गरीबी में भी नहीं तोड़ा दम NEET में 720 में से 720 नंबर हासिल किए, 686 नंबर लाने वाली गरीब लड़की

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मंदिर मामलों के वकील विष्णु शंकर जैन का भावुक बयान सामने आते ही पूरे देश में नई ऊर्जा और नई बहस खड़ी हो गई। उन्होंने कहा कि “मेरे पिताजी 1989 से मंदिरों के लिए न्यायिक लड़ाई लड़ रहे हैं… यह आज की लड़ाई नहीं बल्कि पीढ़ियों का संघर्ष है, और बहुत सारे लोग इसे आगे लेकर जाएंगे।” यह सिर्फ एक व्यक्तिगत वक्तव्य नहीं—यह उन दशकों पुरानी कानूनी और सांस्कृतिक लड़ाइयों की गूंज है जो भारत की पहचान, आस्था और इतिहास से गहराई से जुड़ी हैं। 😮🔥 #vishnushankarjain #templecases #politicalbuzz
विष्णु जैन का यह बयान कई स्तरों पर असर डालता है। एक तरफ यह उस कानूनी विरासत को उजागर करता है जिसमें उनके परिवार की तीन पीढ़ियाँ कई ऐतिहासिक मंदिरों से जुड़े विवादों पर मुकदमे लड़ती आई हैं। दूसरी तरफ यह संदेश भी देता है कि ये मुकदमे महज़ दस्तावेजों और कोर्टरूम की लड़ाई नहीं—ये उन समुदायों की भावनाओं, परंपरा और ऐतिहासिक स्मृति का हिस्सा हैं। समर्थक कह रहे हैं कि यह “धार्मिक न्याय का पुनर्जागरण” है, जबकि आलोचक इसे “सियासी एजेंडा” बताते हुए एतराज़ जता रहे हैं। ⚡📢 #templemovement #indiaspeaks #culturaldebate
सोशल मीडिया पर भी यह बयान खूब चर्चा में है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मंदिर से जुड़े विवाद दशकों से सुलगते आए हैं और जैन परिवार की कानूनी भूमिका इस आंदोलन की रीढ़ जैसी है। वहीं कई यूज़र्स तर्क दे रहे हैं कि इन मामलों को लगातार खींचना समाज को और विभाजित कर देता है—और देश को विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच बहस धधक रही है, भावनाएँ उफान पर हैं। 😤🔥 #publicvoice #heritagedebate #siyasatheat
अब नजर आगे की कानूनी लड़ाइयों पर है—क्योंकि जैन का यह बयान संकेत देता है कि मंदिर से जुड़े मुकदमे अभी समाप्त नहीं होने वाले, बल्कि नई पीढ़ियाँ इन्हें और दृढ़ता से उठाएंगी। इतना तय है—भारत की आस्था, इतिहास और न्याय के इस संगम में जैन परिवार की भूमिका आने वाले वर्षों में और भी केंद्रीय हो सकती है। 🙌🔥🇮🇳
#fblifestyle

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