Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
BIG BREAKING NEWS 🚨 India TV CNX shows SHOCKING opinion Poll of South India.
TAMILNADU + PUDUCHERRY:
BJP : 5
DMK : 20
AIADMK : 4
CONG : 6 || OTH : 5
Stunning results for BJP from Tamilnadu & Kerala.
KERALA :
BJP : 3 || UDF : 11 || LDF : 6
PUDUCHERRY
BJP : 1
Seats where BJP can win as per the survey.
KERALA : Thiruvananthapuram, Attingal, Pathanamthitta
TAMILNADU : Coimbatore, Ramanathapuram, Kanyakumari, Vellore
Shashi Tharoor can lose as per this survey.
पेपर लीक उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश भर के युवाओं के लिए अभिशाप बन गया है।
पिछले 7 वर्षों में ही 70 से अधिक पेपर लीक के मामलों ने 2 करोड़ से अधिक छात्रों का सपना तोड़ा है।
इससे न सिर्फ भविष्य निर्माण के कीमती वर्ष बर्बाद हो रहे हैं बल्कि उनके परिवारों पर भी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है।
लापरवाह सरकार, भ्रष्ट अधिकारी, नकल माफिया और निजी प्रिंटिंग प्रेसों के आपराधिक गठजोड़ को खत्म कर हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।
जब मैंने छात्रों से बातचीत की तो उन्होंने मुझे बताया कि पेपर लीक की तीन मुख्य वजह हैं। बिका हुआ सरकारी तंत्र, निजी प्रिंटिंग प्रेस और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके अधीनस्थ सेवा चयन आयोग।
सभी से मिले सुझावों को मिला कर कांग्रेस युवाओं की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक ठोस और फूलप्रूफ प्लान तैयार कर रही है, और बहुत जल्द हम आपके सामने अपना विज़न रखेंगे।
हम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे!
युवाओं का भविष्य INDIA की प्राथमिकता है।
डॉली चायवाला एक दिन में चाय बेचकर करता है इतनी कमाई?
अपने स्वैग से सोशल मीडिया से भी बना रहा इतने पैसे? डॉली चायवाला इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नागपुर में स्वैग के साथ चाय बेचने वाले 'डॉली चायवाले' ने जब से माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स को चाय पिलाई है, तब से वह इंटरनेट पर सनसनी बने हुए हैं।
अपने चाय बेचने के स्टाइल के लिए मशहूर 'डॉली चायवाला' रातों-रात स्टार बन गया है। लोग डॉली चायवाला के बारे में जानना चाहते हैं। हर कोई जानना चाहता है कि बिल गेट्स के साथ उसकी मुलाकात कैसे और कब हुई थी ? वो कहां के रहने वाले हैं, उनका नाम क्या है, वो कितना कमाते हैं?
नरेंद्र मोदी ने ‘चंदे के धंधे’ को छिपाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इलेक्टोरल बॉण्ड का सच जानना देशवासियों का हक़ है, तब SBI क्यों चाहता है कि चुनाव से पहले यह जानकारी सार्वजनिक न हो पाए?
एक क्लिक पर निकाली जा सकने वाली जानकारी के लिए 30 जून तक का समय मांगना बताता है कि दाल में कुछ काला नहीं है, पूरी दाल ही काली है।
देश की हर स्वतंत्र संस्था ‘मोडानी परिवार’ बन कर उनके भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में लगी है।
चुनाव से पहले मोदी के ‘असली चेहरे’ को छिपाने का यह ‘अंतिम प्रयास’ है।