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द इम्मोर्टल अश्वत्थामा टाइटल में आदित्य धर साइंस फिक्शन फिल्म बनाने जा रहे थे और विक्की कौशल को मुख्य किरदार सौंप दिये थे। चूँकि बिग स्केल फिल्म थी तो आर्थिक पटल पर बड़े निर्माता चाहिए था। बातचीत चली, तो उनकी डिमांड में बड़े चेहरे के साथ फिल्म में जाने की शर्त थी। विक्की की बॉक्स ऑफिस वैल्यू पर कतई भरोसा न था। अर्थात् सपोर्टिंग किरदार वाले को सोलो लेना जोखिम भरा लगा। आखिरकार आदित्य ने फिल्म ठंडे बस्ते में डाल दी और छोटे बजट की फिल्मों पर ध्यान देने का फैसला लिया।
इसी कड़ी में आर्टिकल-370 आई, इसमें आदित्य लेखक और निर्माता है। फिल्म अपनी कहानी के दम पर ब्लॉकबस्टर हो गई। तिस पर कोई बड़ा चेहरा न था, दो महिला कलाकारों ने फिल्म को बॉक्स ऑफिस जितवा दिया।
फिलहाल आदित्य अगले प्रोजेक्ट में रणवीर सिंह के साथ टेबल पर है आधिकारिक पुष्टि होगी कि अश्वत्थामा आ रही है या कोई दूसरा एक्शन-थ्रिलर कंटेंट। खैर
इधर, निर्माता भगनानी घाटे में भी खूब पैसा फुँके दे रहे है।
पिछले पाँच वर्षों के ट्रैक को देखें तो वासु, जैकी, और दीपशिखा द्वारा निर्मित फिल्में हिट अपवाद निकली होगी, वरना तो फ्लॉप, डिज़ास्टर गई है।
हालिया गणपत पार्ट-1 औंधे मुँह गिरी थी।
अब बड़े मियाँ छोटे मियाँ नजदीकी सिनेमाघरों में पहुँचने वाली है, उसके कंटेंट लक्षण देखने से डब्बा गोल ही है देखते फाइनल क्या निकलता है।
वासु ने शाहिद कपूर को लेकर अश्वत्थामा अनाउंस की है।
यकीनन साइंस फिक्शन होगी, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया ने कपूर के करियर में फ्लॉप का सूखा खत्म किया है। फिर भी अश्वत्थामा बिग स्केल कंटेंट है तो रिस्क जबर है शाहिद की रिटर्न वैल्यू बहुत डाउन है।
तुलना करें तो विक्की कौशल बेहतर स्थिति में है।
किंतु शाहिद चॉकलेट बॉय हीरो है महिलाओं में लोकप्रिय है तो चांस लिया जा सकता है परंतु आदित्य धर के कंटेंट में कहानी नायक और शानदार कलाकार विक्की पर कोई पैसे लगाने को तैयार नहीं है।
भारतीय सिनेमा में जब से कॉर्पोरेट घुसे है न, फ़िल्म मेकिंग के मायने बदल दिए है और फिल्म कैसे रिलीज होगी, चलेगी, सबके गणित लगाकर आते है।
ताजा देखें, करण जौहर ने सिद्धार्थ मल्होत्रा को योद्धा बनाया, मीडियम बजट खर्चा। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर लुढ़क गया। पहले ही मालूम था कि मल्होत्रा साहब रिकवर नहीं कर पायेंगे। अब ओखली में सर दे मारा है तो मूसल से क्या डरना, पीआर एजेंसी के हवाले फ़िल्म कर दी और उन्होंने बाई वन गेट वन फ्री से वीकेंड कुछ ठीक किया है। ताकि बॉक्स ऑफिस आँकड़े देखने में बढ़िया लगे तो ओटीटी वाले से डील बजट निकाल सकने वाली ले सकें।
करण को आर्थिक हालात अच्छे करने है जिससे सलमान ख़ान और विष्णुवर्धन वाली फिल्म फ्लोर पर आ सके। योद्धा तो शुरू से योद्धा था, उसने बॉक्स ऑफिस की कब फिक्र की।
अब देखना है शाहिद को बड़ा प्रोजेक्ट मिला है जो कबीर सिंह के बाद मिलना चाहिए था। तो कुछ हाई-अप मिलता, अब मिलेगा। लेकिन औसत होगा।
इस कंटेंट के बाद आदित्य का कंटेंट बंद हो जाएगा।
निर्माताओं में इसकी सफलता और असफलता बहुत निर्भर करेगी।
रणदीप की बैटल ऑफ सारगढ़ी केसरी के बाद बंद कर दी गई थी। हाँ आदित्य अक्षय कुमार को लेकर शाहिद से बाजी मार सकते है 3 महीने इन्हें सोचने में लगेंगे, उधर खिलाड़ी फिल्म निपटाकर रिलीज़ पर पहुँचा देंगे। 😂