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पुलवामा का मामाईंड हमजा सडक पे जारेला था... तभीच आसमान से एक फ्रिश्ता उरता हुआ आया....
बोला...... भाजान इधर क्या कर रेले हैंगे...???उधर भत्तर हूरां तमारी राह में पलकपावडे बिछाकर बैठेली हैंगी......
हमजा बोला मेरेकू जाना मंगता उनके पास...
तबीज किधर से तो भी आसमान की तरफ से गोलियां उरती हुई आईं., बोलीं.....हमजा भाजान तुमारे अरमानां पूरे करने वास्ते हम आईं हैं..
भाजान ने खुस होकर उनको देखा हैंगा...
गोलियां बोली, इजाजत हो तो #घुस_जाएं....
भाजान बोले घुस जाओ....
वो सारी गोलियां बाहुबली फिलिम की माफिक....नाद्वे, मणिबंधम, बहिर्मुखम बोलके सपाक...सपाक... सपाक...घुस गई....
भाजान की टैं बोल गई....
मानो ना मानो ये ही सच्चाई हैंगी..