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हल्द्वानी में अवैध मस्जिद-मजार के ध्वस्त होने के बाद बवाल हुआ, और इस दौरान आगजनी भी हुई!
वहीं इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, और उपद्रवियों को गोली मारने का आदेश दिया है!!
बिगड़ते हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी में कर्फ्यू घोषित कर दिया है!
और इसके साथ ही, दंगा करने वालों के खिलाफ UAPA के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं!!
1950 - योजना आयोग
1950 - नेशनल फिजिकल लेब्रोटरी
1950 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर
1956 - यूनिवर्सिटी बॉट्स कमीशन
1956 - आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज
1958 - एटॉमिक एनर्जी कमीशन
1958 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे
1959 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास
1959 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर
1959 - नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
1961 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली
1961 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कलकत्ता
1961 - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैमेजमेंट अहमदाबाद
1961 - इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च
आज व्हाट्सएप पर आप पण्डित नेहरू जी के बारे में कुछ भी पढ़ लें और धारणा बना लें पर जब भारत को नजदीक से जानने की कोशिश करेंगे तो आपको यह एहसाह होगा कि भारत में पण्डित नेहरू जी को लेकर केवल अफवाहें फैलाई गईं क्योंकि अगर वो हर एक दिन अपने जीवन का देशनिर्माण में नही लगाया होता तो आज भारत शिक्षा,चिकित्सा,औद्योगिक,रेलवे,सेना,पानी और अनाज में आत्मनिर्भर नही बना होता।
हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।