Explore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
बुढ़वा मंगल की बहुत-बहुत शुभकामनायें।
हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे।
मनोजवं मारुततुल्यवेगमं
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।
अर्थ : मन-जैसी स्फूर्ति और वायु-जैसे वेग वाले, परम बुद्धिमान, इन्द्रियनिग्रही, वानरपति, वायुपुत्र हनुमान की शरण लेता हूं।
जय सियाराम
जय हनुमान
समाज में समानता-सद्भाव एवं महिला सशक्तिकरण से लेकर देश की आजादी में ईश्वर चन्द्र विद्यासागर के योगदान सदा याद रखे जाएंगे।
समरस और प्रगतिशील समाज के निर्माण में उनके अविस्मरणीय योगदानों से लोग प्रेरणा प्राप्त करते रहेंगे।
माँ भारती के ऐसे महान सपूत को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि!