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नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मे 'न' काराय नमः शिवाय॥
आज प्रातः द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव की पावन तपोभूमि श्री केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस पावन क्षण में संकल्प लेकर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नाम से बाबा केदार की प्रथम पूजा-अर्चना की तथा विधि-विधान से अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।
आस्था और श्रद्धा के इस केंद्र में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और अविस्मरणीय बनाने हेतु हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
जय बाबा केदार…!

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नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मे 'न' काराय नमः शिवाय॥
आज प्रातः द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव की पावन तपोभूमि श्री केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस पावन क्षण में संकल्प लेकर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नाम से बाबा केदार की प्रथम पूजा-अर्चना की तथा विधि-विधान से अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।
आस्था और श्रद्धा के इस केंद्र में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और अविस्मरणीय बनाने हेतु हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
जय बाबा केदार…!

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क्या आपने कभी ऐसे लोगों के बारे में सुना है जिनकी जिंदगी का धरती से लगभग कोई रिश्ता नहीं होता? न पक्के घर, न तय सीमाएं और न ही किसी एक देश की नागरिकता हम बात कर रहे हैं 'बजाऊ' (Bajau) समुदाय की, जिन्हें दुनिया के आखिरी असली समुद्री खानाबदोशों में गिना जाता है.यह कोई आम लोग नहीं, बल्कि बजाऊ जनजाति के सदस्य हैं, जो इंडोनेशिया और मलेशिया के बीच फैले समुद्री इलाकों में रहते हैं. इनके घर लकड़ी से बने होते हैं, जो पानी के ऊपर खंभों पर टिके होते हैं, या फिर ये लोग नावों पर ही अपना पूरा जीवन बिता देते हैं.बजाऊ लोगों की शारीरिक क्षमताएं भी बेहद खास मानी जाती हैं. ये लोग बिना किसी ऑक्सीजन सपोर्ट के करीब 30 मीटर (लगभग 100 फीट) या उससे ज्यादा गहराई तक गोता लगा सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि पीढ़ियों से पानी में रहने के कारण इनके शरीर में कुछ प्राकृतिक बदलाव हो गए हैं. उनकी आंखें पानी के भीतर भी साफ देख सकती हैं, जबकि आम इंसानों को वहां धुंधला नजर आता है.

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Pre-marital relation नहीं है बर्दास्त!

Full Podcast:

#apsingh #mensrights #womenvsmen #relationship #liveinrelationship #relationshipadvice #fblifestyle #viralpodcast @followers Hype By Neharika

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सीएम मान ने अपने नीदरलैंड दौरे के चौथे दिन रॉटरडैम के मसवलक्टे में एलटी फूड्स प्लांट का दौरा किया
चावल प्रसंस्करण पैकेजिंग और वितरण के तरीकों की जानकारी
#cmbhagwantmann #punjab #netherlands #ltfoodsplant #dailypostpunjabi

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सीएम मान ने अपने नीदरलैंड दौरे के चौथे दिन रॉटरडैम के मसवलक्टे में एलटी फूड्स प्लांट का दौरा किया
चावल प्रसंस्करण पैकेजिंग और वितरण के तरीकों की जानकारी
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सीएम मान ने अपने नीदरलैंड दौरे के चौथे दिन रॉटरडैम के मसवलक्टे में एलटी फूड्स प्लांट का दौरा किया
चावल प्रसंस्करण पैकेजिंग और वितरण के तरीकों की जानकारी
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सीएम मान ने अपने नीदरलैंड दौरे के चौथे दिन रॉटरडैम के मसवलक्टे में एलटी फूड्स प्लांट का दौरा किया
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क्या आप जानते हैं कि जापान दुनिया के सबसे अनुशासित और साफ़-सुथरे देशों में से एक क्यों है? इसका असली जवाब उनकी बड़ी-बड़ी कंपनियों में नहीं, बल्कि वहाँ के प्राइमरी स्कूलों की पहली घंटी में छिपा है। 🇯🇵🏫

जापान में चौथी कक्षा तक यानी लगभग 10 साल की उम्र तक बच्चों की कोई बड़ी परीक्षा नहीं ली जाती है। इसके पीछे एक बहुत ही गहरा और खूबसूरत विज़न है कि ज्ञान से पहले संस्कार (Manners before Knowledge) आने चाहिए। वहाँ पहले तीन साल बच्चों को यह सिखाया जाता है कि दूसरों का सम्मान कैसे करें, प्रकृति से प्यार कैसे करें और एक अच्छा इंसान कैसे बनें।

उन्हें बचपन से ही सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और साफ़-सफाई बनाए रखना सिखाया जाता है। बच्चों को रट्टा मारने या नंबरों की अंधी दौड़ में धकेलने के बजाय उनके व्यक्तित्व को तराशने पर पूरा ज़ोर दिया जाता है। यही वजह है कि जापान में आपको सड़कों पर कचरा नहीं मिलेगा और हर जगह एक अनोखा अनुशासन नज़र आएगा। वे जानते हैं कि एक पढ़ा-लिखा लेकिन बदतमीज़ व्यक्ति समाज के लिए खतरा है, लेकिन एक संस्कारी व्यक्ति पूरे समाज की ताकत होता है। ⚖️🇯🇵🙌

"ईमानदारी से बताइए, क्या आपको भी लगता है कि हमारे स्कूलों में भी नंबरों और एग्जाम्स से पहले बच्चों को 'जीने का सलीका' और 'संस्कार' सिखाने चाहिए? अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर साझा करें!" 👇🏛️🇮🇳

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AI + Automation: Germany’s Golden Opportunity for Indian Students in 2026
https://www.yesgermany.com/ger....man-education-consul

Indian Students in 2026.pdf