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भगवान शिव के अनुयायी कृपया इस संदेश को अनदेखा न करें।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से 60 फीट लंबा और 700 किलो वजन का त्रिशूल अयोध्या के लिए प्रस्थान कर चुका है। इस भव्य त्रिशूल यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु और संत झूमते हुए और भजन गाते हुए पैदल चल रहे हैं। यह यात्रा जबलपुर, काशी और प्रयागराज जैसे शहरों से होकर गुजरेगी और 10 फरवरी को अयोध्या पहुंचेगी। दिव्य त्रिशूल को राम मंदिर के निकट विघेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बिहार में 33 फुट का शिवलिंग पहले ही स्थापित किया जा चुका है।

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आज मेरे पति को वही लोग श्रद्धांजलि देंगे, जो एक शहीद की पत्नी और उसके छोटे बच्चों के दर्द को सच में समझते हैं। यह श्रद्धांजलि सिर्फ़ शब्द नहीं, बल्कि उस बलिदान के प्रति सम्मान है, जिसने हमारे परिवार से एक सहारा छीन लिया, लेकिन देश को सुरक्षा दी। जो दिल से इस दुःख को महसूस कर सकते हैं, वही सच्चे अर्थों में शहीद को नमन करते हैं। 🙏🇮🇳

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सोचने वाली बात है…
फिल्म रामायण से
Vivek Oberoi
एक भी रुपया नहीं लेना चाहते।
अपनी पूरी फीस ज़रूरतमंद बच्चों को दान कर रहे हैं।
ना PR…
ना दिखावा…
ना शोर…
लेकिन फिर भी
👉 सोशल मीडिया पर
👉 एक लाइक भी नहीं?
हम अक्सर गलत लोगों को सिर पर बैठा लेते हैं
और जो सच में अच्छा कर रहा होता है,
उसे चुपचाप नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
अगर आपको भी लगता है कि
अच्छाई को पहचान मिलनी चाहिए,
तो कम से कम एक लाइक, एक शेयर तो बनता है।
क्योंकि
आज लाइक सिर्फ बटन नहीं,
कभी-कभी हौसला भी होता है।
#vivekoberoi
#ramayana

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नागौर के इस 'शातिर' कबूतर की दास्तां वाकई किसी बॉलीवुड फिल्म के क्लाइमेक्स जैसी है! पुरानी फिल्मों में तो कबूतर सिर्फ प्रेम पत्र लेकर 'गुटरगूं' करते थे, लेकिन नागौर के इस 'डिजिटल युग' के कबूतर ने तो सीधे अपनी 'रिटायरमेंट प्लानिंग' ही कर ली।

एक सुनार की दुकान में कारीगर अपना काम कर रहे थे, तभी आसमान से एक 'सफेद वीआईपी' उतरा। लोगों को लगा शायद शांति का संदेश लाया है, लेकिन इस कबूतर के इरादे कुछ और ही थे। बिजली की फुर्ती से उसने मेज पर रखी सोने की चेन उठाई और फुर्र से बाहर निकल गया।

दुकान में हड़कंप मच गया। जो कारीगर कल तक 'भाग्यश्री' के गाने गाते थे, वो अब पसीने-पसीने होकर चिल्ला रहे थे— "आ कबूतर, आ... मेरी चेन वापस दे जा!" * जमावड़ा: देखते ही देखते तमाशबीनों की भीड़ लग गई।

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देश भर में मिसाल बनी अनोखी शादी... ❤️
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक OBC परिवार में एक ऐसी अनोखी शादी हुई जो जागरूकता की मिसाल बनी...

जिसमें ना पंडित को बुलाया गया.. ना मंत्र उच्चारण हुआ और ना ही बाद में फेरे हुए..

जौनपुर के रहने वाले श्री अरविंद यादव उर्फ मुन्ना जी ने अपने सुपुत्र कृष्णदेव यादव की बारात लेकर वाराणसी पहुंचे..

यहां उनके बेटे की शादी गुड़िया यादव से संविधान की उद्घोषिका पढ़कर संपन्न करवाई..

भव्य आलीशान पंडाल में चारों तरफ बहुजन महानायकों की तस्वीरें लगी हुई थी जिनमें..

तथागत गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक, डॉ भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा- सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख , मुलायम सिंह यादव, ललई सिंह यादव और कांशीराम साहब की तस्वीरें लगी हुई थी….

विवाह कार्यक्रम में पहुंचे सभी मेहमानों को बहुजन महापुरुषों के विचारों पर चलने के लिए शपथ दिलवाई गई..

और साथ ही अंधविश्वास और पाखंड से दूर रहते हुए अपने अधिकार और हिस्सेदारी के प्रति जागरूक भी किया गया..

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बस में लगी भीषण आग, धू धूकर जलती रही, जान बचाकर भागे यात्री, घटना का भयावह वीडियो आया सामने

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भारत ने इंग्लैंड को हराकर ICC पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2026 अपने नाम कर लिया।
ये जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है,
ये उस मेहनत की पहचान है जो मैदान में दिखती है,
उस टैलेंट की जीत है जो उम्र नहीं देखता,
और उस सिस्टम का सबूत है जहाँ मौका काबिलियत को मिलता है।
नए भारत के नए चैंपियन 💙🔥
पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।
#champions #u19worldcup #teamindia

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सड़क पर दौड़ती एक बस, लेकिन उस पर छपी तस्वीर ने सबको रोककर देखने पर मजबूर कर दिया! ❤️🇮🇳
ये कोई फिल्म का पोस्टर नहीं था, न ही किसी ब्रांड का विज्ञापन… ये था सम्मान। कर्नाटक की एक स्लीपर बस ने जब “ऑपरेशन सिंदूर” के नायकों की तस्वीर अपने ऊपर लगाई, तो वो बस सिर्फ एक वाहन नहीं रही — वो चलती-फिरती श्रद्धांजलि बन गई। हर मोड़ पर, हर चौराहे पर, वो तस्वीर याद दिला रही थी कि देश की सुरक्षा के लिए खड़े सैनिकों की कीमत शब्दों में नहीं आंकी जा सकती।
आज के दौर में जहाँ बसों पर अक्सर फिल्मी चेहरों या प्रोडक्ट्स के पोस्टर दिखते हैं, वहाँ सैनिकों की तस्वीर लगाना एक संदेश है — “हम अपने रक्षकों को नहीं भूलते।” ये पहल छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर बड़ा है। जब आम लोग अपने तरीके से सेना को सलाम करते हैं, तो वो सिर्फ तस्वीर नहीं, एक भावना बन जाती है।
सच में… किसी ने तो कीमत समझी।
देश पहले, बाकी सब बाद में। 🇮🇳🔥

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दिल्ली के जनकपुरी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ सड़क के बीचों-बीच जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे ने एक बाइक सवार युवक की जान ले ली। हैरानी और गुस्से की बात यह है कि मौत के इस कुएं के पास न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड, और अंधेरे में यह लापरवाही एक हंसते-खेलते परिवार के लिए मातम बन गई। एक तरफ जहाँ आम आदमी अपनी गाढ़ी कमाई से इनकम टैक्स, रोड टैक्स और जीएसटी भरता है ताकि उसे सुरक्षित सड़कें मिलें, वहीं बदले में उसे ऐसे जानलेवा गड्ढे मिल रहे हैं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही द्वारा प्रायोजित हत्या है, जहाँ एक युवक को सिस्टम की नाकामी की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

अगर आप भी मानते हैं कि टैक्स के पैसों से हरामखोरी बंद होनी चाहिए और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, तो इस खबर को इतना शेयर करें कि यह सिस्टम की नींद उड़ा दे।

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गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया। कहानी है रेखा त्यागी नाम की एक महिला की, जिसने इस बार किसी आम आदमी को नहीं, बल्कि यूपी पुलिस के एक दरोगा को ही अपने जाल में फंसा लिया। आरोप है कि रेखा ने पहले दरोगा पर रेप की एफआईआर दर्ज कराई और फिर मामले को रफा-दफा करने के लिए सीधे 35 लाख रुपये की भारी-भरकम डिमांड रख दी। लेकिन इस बार उसका दांव उल्टा पड़ गया और गाजियाबाद पुलिस ने जांच के बाद उसे ही गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की जांच में रेखा त्यागी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि यह उसका पहला कारनामा नहीं है। पुलिस का दावा है कि वह एक शातिर ब्लैकमेलर है जो लोगों को डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूलती है। साल 2016 में भी उसने एक व्यक्ति को डराकर जबरन शादी की थी और फिर पैसे ऐंठकर बिना तलाक लिए ही उसे छोड़ दिया। उसका मकसद सिर्फ शादी या न्याय नहीं, बल्कि सामने वाले को कानूनी पचड़ों में फंसाकर मोटी रकम वसूलना होता था। अब तक वह अलग-अलग लोगों पर कुल 6 मुकदमे दर्ज करा चुकी है, जिनमें से 2 मामले रेप के हैं। फिलहाल, यह 'लेडी ब्लैकमेलर' अब सलाखों के पीछे है।

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