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अब तक का सारा सफर टटोल कर देखना।
अपनी परवरिश की किताब खोलकर देखना।
तुम्हे उसकी कोशिशों मे पुर्णविराम न मिलेगा,
चाहो तो हर पंक्ति पर नज़र गोल कर देखना।
जिसने भरा ब्याज तुम्हारी ख़्वाहिशों के लिए-
हथेलियों पर उसकी ज़िन्दगी तोलकर देखना।
कामयाब हो जाने का नुस्ख़ा शर्तिया मिलेगा-
उसकी झुर्रियों में ये जवानी घोलकर देखना।
आवाज़ तुम्हारी रूह से टकरा कर के आयेगी-
कभी पिता के लिये जिन्दाबाद बोलकर देखना।