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"मायके के जिस घर में मैंने पूरा बचपन निकाला, अब वो बदल चुका था. वहां मेरा कोई कमरा नहीं था"
"आखिरी बार जब उसने तलाक दिया, मैं रिश्ते के साथ-साथ उम्मीद को भी वहीं छोड़ आई"
ससुर से हलाला के बाद पति के पास तो लौट आई, लेकिन अंदर-अंदर सब बदल चुका था. 'पिता-समान-ससुर' अब मुझपर बुरी नीयत रखते. शौहर को उकसाते ताकि फिर से तलाक हो जाए.
ये नौबत दोबारा भी आई. इस बार मुझे देवर से जोड़ दिया गया ताकि घर की इज्जत, घर में ही रहे.