कांग्रेस सरकार के समय देश के विभिन्न राज्यों में नक्सली आतंकवाद की घटनाएं होती रहती थीं, लेकिन नक्सलियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी, जबकि मोदी सरकार आने के उग्रवाद और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाये गए और उन क्षेत्रों में शांति स्थापित की गई।
कांग्रेस सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया, बल्कि तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के कारण प्रभु श्रीराम को काल्पनिक तक कह दिया था, जबकि मोदी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।