Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
बायतु में हम सब के लाडले राजस्थान के किसान नेता Hanuman Beniwal व हमारे भाई Amara Ram Godara पर हुए हमले का वोट की चोट से इलाज करने का समय आ गया है।
नागौर सांसद वह बाड़मेर जैसलमेर सांसद पर पत्थर बरसाए उसमें जान जा सकती थी।
और भाई अमर गोदारा पर कितना निर्दयी हमला किया इंसानियत शर्मसार हुई।
स्थानीय विधायक भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कभी उनके घर जाकर हाल-चाल तक नहीं पूछे।
यह लोग किस मुंह से आ रहे हैं वोट मांगने हैं आखिर अमर गोदारा था तो इंसान उस टाइम इंसानियत कहां गई आज चुनाव के वक्त हाथ पैर पकड़ रहे हैं नेता।
यदि बायतु विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा स्वास्थ्य शिक्षा खेल कूद बिजली पानी सड़क यह सब उच्च चाहते हो और बेरोजगारी किसान नौजवान का भला चाहते तो UmmedaRam जी को भारी मतों से विजय बनाएं।
#कौन भूल सकता है...?
जब सारे नेता दिपावली का त्यौहार अपने घर परिवार के साथ मना रहे थे।
तब राजस्थान का एक नेता गांव गरीब की आवाज लेकर #बजरी माफियाओं के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहा था।
राज्य की नाकाम सरकार ने बजरी माफियाओं को आमजनता को लूटने के लिए खुले सांड की तरह छोड़ रखा था।
आए दिन हत्याएं हो रही थी और बाड़मेर जिले के भाजपा कांग्रेस के नेता बजरी माफिया के मुनीम बनकर कमीशन खा कर चुप हो गए थे तब बायतु की उम्मीदों के उम्मेद श्री उम्मेदारामजी बेनीवाल बजरी माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।
और स्थानीय जनप्रतिनिधि बजरी माफियाओं की गोंद में बैठे थे ।
अब समय आ गया है कि भाजपा कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं को सबक सिखा कर संघर्ष के साथी उम्मेदारामजी बेनीवाल को आशीर्वाद दे कर विधानसभा में भेजे ।
बायतु की उम्मीदों के उम्मेद श्री उम्मेदारामजी बेनीवाल।
दिवेर के निर्णायक युद्ध में कुँवर अमरसिंह ने मुगल सेनापति सुल्तान खां को भाला मारा, तब मरने से पहले सुल्तान खां ने पानी मांगा, तो स्वयं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने अपने हाथों से उसे जल पिलाया
चित्तौड़गढ़ के नरसंहार में मुगलों द्वारा दिखाई गई नृशंसता भी महाराणा प्रताप के आदर्शों को कम नहीं कर सकी। महाराणा प्रताप ने कभी भी अपने उच्च आदर्शों का त्याग नहीं किया।