akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Uterine Fibroid Treatment Devices Market to Witness Massive Growth by 2029 | #uterine Fibroid Treatment Devices Market Growth Drivers # Uterine Fibroid Treatment Devices Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Transdermal Skin Patches Market Size and Analysis by 2023 to 2029 | #transdermal Skin Patches Market Growth Drivers # Transdermal Skin Patches Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Transcatheter Aortic Valve Replacement (TAVR) Market Latest Report on the Current Trends and Future Opportunities to 2029 | #transcatheter Aortic Valve Replacement (TAVR) Market Growth Drivers # Transcatheter Aortic Valve Replacement (TAVR) Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Tooth Filling Materials Market to Witness Massive Growth by 2029 | #tooth Filling Materials Market Growth Drivers # Tooth Filling Materials Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Tissue Banking Market Forecast: Promising Growth and Development 2023-2029 | #tissue Banking Market Growth Drivers # Tissue Banking Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Process Liquid Analyzers Market Size and Analysis by 2023 to 2029 | #process Liquid Analyzers Market Growth Drivers # Process Liquid Analyzers Market Forecast

akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Surgical Sealants Market to Witness Massive Growth by 2029 | #surgical Sealants Market Growth Drivers # Surgical Sealants Market Forecast

image
akshay567 created a new article
3 yrs - Translate

Controlled Release Drug Delivery Market Forecast: Promising Growth and Development 2023-2029 | #controlled Release Drug Delivery Market Growth Drivers # Controlled Release Drug Delivery Market Forecast

3 yrs - Translate

बिना ट्रायल के खिलाड़ी को सीधा #ओलंपिक वर्ल्ड चैंपियनशिप या एशियन गेम्स में भेजने को कभी भी #पहलवानी जगत के साथियों द्वारा सही नहीं माना गया बेशक फेडरेशन के दबाव में कोई अपनी बात मुखर होकर कह नहीं पाया हो ।
भूतकाल में बृजभूषण या अन्य अधिकारियों की #मनमर्जी से जो कोई भी गया है उसे उभरते पहलवानों द्वारा हमेशा ही गलत माना गया है लेकिन उस समय आवाज उठाने की किसी की हिम्मत नहीं थी तो मन मार कर रह जाते थे ।
अभी पिछले 6 महीने चले #आंदोलन के बाद जब पहलवानी जगत के सारे मुद्दे जनता के बीच आ चुके हैं और पहलवान अपने मुद्दों पर खुद मुखर हैं तो यह तो स्वभाविक है कि जो गलत हो रहा है उसके खिलाफ आवाज उठेगी ।
सभी को पता है कि पीछे की उपलब्धियों के आधार पर बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को सीधा #एशियन गेम्स में भेजना हर दृष्टि से गलत है और इसको किसी भी कुतर्क की आड़ लेकर सही नहीं ठहराया जा सकता ।
कुछ समझदार साथियों का 1 ही तर्क है कि पहलवानों ने ट्रायल के लिए समय मांगा था, ट्रायल से छूट नहीं मांगी !
एशियाड अपने तय समय पर होंगे, इनमें नाम भेजने का भी अपना तय समय है और यह छूट इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन नहीं दे सकती और ना ही सरकार दे सकती !
यह बात सब पहलवानों को भी पता है और छूट मांगने वालों को भी ।
खेल के मैदान में #खिलाड़ी की मर्जी से ट्रायल नहीं होती ,अपने समय पर होती है । यदि आप बीमारी ,चोट ,कम तैयारी या किसी और भी अन्य कारण से उस समय पर तैयार नहीं है तो आपको अपना दावा छोड़ना पड़ेगा ।
लेकिन यदि आप ऐसा ना करके अपने व्यक्तिगत संबंधों का फायदा उठाकर कोई दूसरा तरीका निकाल लेते हो तो समाज की नजर में उसे गलत ही माना जाएगा ।
कुश्ती संघ की अंतरिम समिति में अशोक गर्ग और ज्ञान सिंह दोनों को आंदोलनकारी पहलवानों द्वारा शामिल करवाया गया है और इन्हीं के द्वारा बजरंग और विनेश को ट्रायल से छूट दिलवाई गई है वरना भारतीय टीम के दोनों मुख्य कोच किसी भी प्रकार की छूट से साफ मना कर रहे हैं । इससे बिल्कुल साफ है कि दोनों पहलवानों की इच्छा से सब हो रहा है और वह कोई भी बहाना बनाकर बुराई से बच नहीं सकते ।
साक्षी मलिक की तैयारी नहीं थी तो उसने छूट लेने की बजाय पीछे हटना पसंद किया , रवि दहिया चोट से उबरे थे लेकिन कोई रियायत लेने की बजाय लड़कर हारना पसंद किया ।
दीपक पूनिया सोनम मलिक सरिता मोर अंशु मलिक सबने लड़ना बेहतर समझा ।
एक बात और बिल्कुल साफ है कि समाज की ताकत से लड़े गए आंदोलन के बाद यदि आप सिर्फ खुद का फायदा नुकसान देखकर फैसले करते हो तो कल जब आपको दोबारा समाज की जरूरत पड़ेगी तो आप पर सवाल बहुत उठेंगे ।
इसलिए यह समय है कुश्ती जगत के वरिष्ठ बुद्धिजीवी लोगों को इस विवाद को सुलझाने का ताकि पहले से ही नुकसान में जा रही कुश्ती को और नुकसान ना हो ।
इस विषय पर कुश्ती जगत से जुड़े बुद्धिजीवियों की पंचायत ही विकल्प है ।
Note :अंतिम पंघाल और विशाल कालीरामन चाहे विनेश और बजरंग से छोटे पहलवान हों लेकिन आज उन्होंने अपने आप को नैतिक दृष्टि से ऊंचा जरूर कर लिया है । उनका भविष्य उज्जवल है ,उनको हमारी बहुत-बहुत शुभकामनाएं ।

image