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धाकड़ धामी का ऐतिहासिक कार्यकाल

ना सिफारिश, ना भ्रष्टाचार
योग्यता बना चयन का आधार

28000+ युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

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सनातन के प्रहरी;धाकड़ धामी,
जहाँ धर्म, वहाँ अडिग धामी।

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सारी खुदाई एक तरफ,
धामी की दवाई एक तरफ

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अपने बच्चों को समझाओ कोई नहीं है अपना सिवाय अपने मां बाप और भाई बहन के सिवा🥹🥹 #follow

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संपूर्ण विश्व को सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का मार्ग दिखाने वाले
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
उनके विचार आज भी भारत की आत्मा और लोकतांत्रिक चेतना का आधार हैं। गांधी जी का जीवन हमें सत्य, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
#mahatmagandhi #gandhijayanti #punyatithi

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मैं मसूरी के लोगों का बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। बुलेशा के एक सूफी संत, जिन्होंने धार्मिक कट्टरता का दंश झेलते हुए भी हमेशा उदार, समन्वयवादी, सहिष्णु सोच को आगे बढ़ाया। मानवतावादी दृष्टिकोण के अनन्य प्रचारक बुलेशा की मजार को तोड़ने के खिलाफ जिस तरीके से मसूरी का प्रबुद्ध जनमानस उठकर खड़ा हुआ है, उसने मसूरी के साथ-साथ हमारे राज्य का गौरव भी बढ़ाया है।
अभी विकासनगर में कश्मीरी शॉल बेचने वाले जिस प्रकार से घायल हुए हैं, हमें इस तरीके की घटनाओं पर भी उठकर खड़ा होना चाहिए। हमने मणिपुर के छात्र की हत्या के मामले में भी इसी तरीके की सामूहिक प्रतिक्रिया दी थी। इससे राज्य की उदार, उद्दाम, सहिष्णु और संस्कृति वादी छवि निखरती है।
#masoorie #sadbhavna #insaniyat #uttarakhand

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Republic Day पर आए फौजी भाइयों पर महाराज जी ने बरसाया प्रेम!
Bhajan Marg by Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj, Shri Hit Radha Keli Kunj, Varah Ghat, Vrindavan Dham
#premanandjimaharaj #vrindavan See less

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दिल्ली हुई शर्मसार-मासूम बनी | तीन लड़कों की ह/वस का शिकार | Delhi Crime | Delhi News
पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा के घोंडा से सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है। यहां एक परिवार अपनी बच्ची के लिए इंसाफ की गुहार लग रहा है।
#delhi #delhipolice #delhicrime #jamnapaar #delhiuptodatevirals See less

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कॉलेज की कैंटीन से शुरू हुई नेहा और अर्जुन की कहानी, किसी फ़िल्म की स्क्रिप्ट नहीं थी — एक आम लेकिन सच्ची लव स्टोरी थी।
छोटे सपने, बड़े वादे और साथ जीने-मरने की कसमें… सब कुछ रियल।
लेकिन रिश्ते में एक दिन वो लाइन आ गई,
जो आजकल सबसे ज़्यादा रिश्ते तोड़ रही है —
“तुम ब्रोके हो… मेरे सपने बड़े हैं।”
एक झगड़ा हुआ, और उसी झगड़े में नेहा ने भविष्य चुन लिया।
बेहतर ज़िंदगी, बेहतर स्टेटस, बेहतर लाइफस्टाइल की तलाश में उसने अर्जुन को छोड़ दिया।
अर्जुन ने बहस नहीं की।
गिड़गिड़ाया नहीं।
बस चुपचाप टूट गया… और मेहनत करने लगा।
वक़्त बीता।
तीन साल बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई —
न्यूज़ीलैंड में ड्रीम जॉब,
5-स्टार होटल में कैंडललाइट डिनर,
और चेहरे पर वो मुस्कान… जो किसी हारने वाले की नहीं होती।
नई गर्लफ्रेंड के साथ अर्जुन खुश था।
चमक रहा था।
नेहा ने वो तस्वीर देखी।
स्क्रीन वही थी, लेकिन नज़र धुंधली हो गई।
कार में बैठकर फूट-फूटकर रो पड़ी —
“मैंने क्या खो दिया…”
सच्चा प्यार मिलना मुश्किल है,
लेकिन उसे पैसे और स्टेटस की चमक में खो देना बहुत आसान।
आज रिश्तों में लोग
दिल नहीं, पैकेज देखते हैं।
इंसान नहीं, इनकम देखते हैं।
किस्मत का खेल देखिए —
जिसे “ब्रोके” कहकर छोड़ा गया,
वही आज दिल और कामयाबी — दोनों से अमीर निकला।
सवाल बस इतना है —
क्या बाहर की चमक इतनी बड़ी है कि घर जैसा प्यार तोड़ दिया जाए?
👇 आप क्या सोचते हैं?
Video Comment Box में लिखिए।

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