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आजकल के बच्चे शायद ही समझ सकें, तो उन्हीं के लिए ये पोस्ट, किसी जमाने में लोग बारिश आने पर घर में रखे हुए बर्तनों को छत से गिरने वाले पानी की धार पर लगा दिया करते थे। और उस इक्ट्ठा हुए पानी से बर्तन धोने व अन्य काम के लिए उपयोग किया जाता था।

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पहले माता-पिता को लगता था कि बेटियों के लिए लड़का सही मिल जाए ..अब ये चिंता बेटों के लिए होगी कि उन्हें लड़की सही मिल जाए ...!!
ऐसे ही पोस्ट के लिए फोलो करे🙏🙏

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अगर ये किसी लड़की की id होती तो सब फोलो कर देते🥺🥺🥺🥺🥺🥺
लड़के की id समझकर आप मुझे फोलो नही कर रहे 🙏

में आपके लिए इतने अच्छी अच्छी पोस्ट लाता हु
विश्वास ना हो तो आईडी में देख लो

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* जय श्री राम 🙏🙏🙏जय श्री कृष्णा

🚩🚩🚩🚩🚩🙏🙏🙏🚩🚩🚩🚩🚩

*अति दुर्लभ एक ग्रंथ ऐसा भी है हमारे सनातन धर्म मे*

इसे तो सात आश्चर्यों में से पहला आश्चर्य माना जाना चाहिए ---

*यह है दक्षिण भारत का एक ग्रन्थ*

क्या ऐसा संभव है कि जब आप किताब को सीधा पढ़े तो राम कथा के रूप में पढ़ी जाती है और जब उसी किताब में लिखे शब्दों को उल्टा करके पढ़े
तो कृष्ण कथा के रूप में होती है ।

जी हां, कांचीपुरम के 17वीं शदी के कवि वेंकटाध्वरि रचित ग्रन्थ "राघवयादवीयम्" ऐसा ही एक अद्भुत ग्रन्थ है।

इस ग्रन्थ को
‘अनुलोम-विलोम काव्य’ भी कहा जाता है। पूरे ग्रन्थ में केवल 30 श्लोक हैं। इन श्लोकों को सीधे-सीधे
पढ़ते जाएँ, तो रामकथा बनती है और
विपरीत (उल्टा) क्रम में पढ़ने पर कृष्णकथा। इस प्रकार हैं तो केवल 30 श्लोक, लेकिन कृष्णकथा (उल्टे यानी विलोम)के भी 30 श्लोक जोड़ लिए जाएँ तो बनते हैं 60 श्लोक।

पुस्तक के नाम से भी यह प्रदर्शित होता है, राघव (राम) + यादव (कृष्ण) के चरित को बताने वाली गाथा है ~ "राघवयादवीयम।"

उदाहरण के तौर पर पुस्तक का पहला श्लोक हैः

वंदेऽहं देवं तं श्रीतं रन्तारं कालं भासा यः ।
रामो रामाधीराप्यागो लीलामारायोध्ये वासे ॥ १॥

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