image

image

imageimage

image

image

imageimage
17 w - Translate

वोट करे सद्बुद्धि से ,
देश को बचाये मंदबुद्धि से
.
.
.
.
.
Disclaimer: यह पोस्ट किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के समर्थन में नहीं है, केवल मतदाता जागरूकता के उद्देश्य से है।

image
17 w - Translate

जब खुद कह रहे हैं कि सबूत पहाड़ जितने हैं, तो फिर कोर्ट जाने से डर क्यों? अगर बातों में सच्चाई है, तो देश की सर्वोच्च अदालत से भागना नहीं, सामना करना चाहिए। हर मंच पर प्रेज़ेंटेशन दिखाने से न्याय नहीं मिलता, न्याय कोर्ट में मिलता है। सवाल उठता है — क्या सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है, या फिर आरोप बस भाषणों तक सीमित हैं? जनता अब भाषणों से नहीं, प्रमाणों से न्याय चाहती है। अगर वाकई सच्चाई साथ है, तो अदालत का दरवाज़ा खटखटाइए, कैमरे के सामने नहीं, कोर्ट के सामने सच साबित कीजिए। वरना ये सबूतों का पहाड़ भी बस “ड्रामा प्रेज़ेंटेशन” बनकर रह जाएगा।
डिस्क्लेमर: यह पोस्ट केवल व्यंग्यात्मक और जानकारीपूर्ण उद्देश्य से लिखी गई है। किसी व्यक्ति या संगठन की छवि को ठेस पहुँचाना उद्देश्य नहीं है।

image

image

image