19 w - Translate

बेटी मालती मैरी के बनाए स्केच को देखकर प्रियंका चोपड़ा जिस तरह भावुक हुईं, उसने साबित कर दिया कि ग्लोबल स्टारडम से ऊपर उनके लिए मां होना सबसे ज्यादा मायने रखता है। इस खास पल को उन्होंने सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि तस्वीरों के जरिए दुनिया भर के फैंस के साथ साझा किया, जिस पर हर तरफ से प्यार बरसने लगा।​
प्रियंका ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मालती का बनाया हुआ स्केच शेयर किया, जिसमें एक छोटी-सी बच्ची अपनी मां की बाहों में दिखाई गई, जैसे मालती ने कागज पर अपने दिल की भावना उतार दी हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आर्टवर्क के साथ प्रियंका ने इमोशनल नोट लिखकर बताया कि यह उनके लिए किसी भी अवॉर्ड से बड़ा गिफ्ट है। स्केच की लाइनों में मासूमियत थी, लेकिन उसमें मां-बेटी के रिश्ते की गहराई साफ महसूस हो रही थी।​
सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में मालती अपने नन्हे हाथों से बना स्केच पकड़े मुस्कुराती नजर आई, जबकि प्रियंका दूर से इस पल को कैमरे में कैद कर रही थीं। फैंस ने कमेंट सेक्शन में दिल और फायर इमोजी की बरसात कर दी और मालती को “लिटिल आर्टिस्ट” और “क्यूटेस्ट स्टार किड” जैसे नाम देने लगे। कई लोगों ने लिखा कि प्रियंका भले ही हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों में चमकती हों, लेकिन उनकी सबसे खूबसूरत पहचान एक लविंग मदर की ही है।​
कई एंटरटेनमेंट पोर्टल्स और फैन पेजों ने भी इस मोमेंट को रीशेयर किया और इसे “हार्टमेल्टिंग” और “डेफिनेशन ऑफ प्योर लव” जैसा टैग दिया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि यह पहला मौका नहीं जब मालती की क्रिएटिविटी ने सुर्खियां बटोरी हों; इससे पहले भी प्रियंका अपनी बेटी की छोटी-छोटी कलाकृतियां और कैंडिड मोमेंट्स फैंस को दिखाती रही हैं। इस ताजा पोस्ट ने एक बार फिर दिखा दिया कि चमक-दमक भरी फिल्मों की दुनिया से दूर, प्रियंका अपनी बेटी के साथ सामान्य और सुकून भरी जिंदगी के हर छोटे एहसास को सहेज कर रख रही हैं।

image
19 w - Translate

इंडोनेशिया के सुमात्रा में 'साइक्लोन सेन्यार' और भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने भयानक विनाश किया है। इस आपदा में अब तक 836 लोगों की जान जा चुकी है, 518 लोग लापता हैं और 2700 से अधिक घायल हुए हैं।​
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 40 वर्षों में पाम ऑयल और कागज उद्योगों के लिए सुमात्रा के 74% जंगल काट दिए गए हैं। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पहाड़ों पर छोड़े गए लकड़ी के विशाल लट्ठे बारिश के पानी के साथ बहकर आए और उन्होंने गांवों को पूरी तरह तोड़ दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जंगल सुरक्षित होते, तो इस तबाही का असर 70% तक कम हो सकता था।

image
19 w - Translate

इज्जत कमाने में बरसों लगते हैं, गंवाने में सिर्फ एक पल। 💯🥀

image
19 w - Translate

#trendingreel # #shishtachari #facebookviral #fightcoronavirus #sardiyon #video 🤣🤣🤣🤣

19 w - Translate

"मैं फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों को शिक्षा देती हूँ। जब मैं उन्हें पढ़ा देती हूँ और थोड़ा-बहुत खाने को देती हूँ, तो उनकी आँखों में जो चमक और मुस्कान होती है, वो अनमोल होती है। इन मासूम बच्चों की ये खुशी छोटी-सी मदद से मिलती है, पर मैं चाहती हूँ कि इनकी ज़िंदगी में हमेशा ये खुशी बनी रहे — सिर्फ पलभर के लिए नहीं, बल्कि हमेशा के लिए। ये बच्चे जिन हालातों में जी रहे हैं, वो उनका भविष्य तय न करें — बल्कि उनकी मुस्कान करे।
#footpathkephool #muskurahatkasabak #shikshasabkeliye
"कभी चेहरे से नहीं, दिल से खूबसूरती और स्टाइल झलकती है।"
"वो जो मुस्कान के पीछे दर्द छुपा लें, वही सच्चे बहादुर होते हैं।"

image

image
19 w - Translate

भारत के भगवान ने मुझे बचाया', गोवा आ@ग में बची कजाख की डांसर की कहानी
गोवा के एक नाइटक्लब में लगी भयानक आ#ग में 26 लोगों की मौ@त हो गई, लेकिन कजाखिस्तान की डांसर क्रिस्टीना मौत के मुंह से बाल-बाल बच गई. वह जिस कमरे में जाने वाली थीं, वहां आग फैल चुकी थी. एक टीम मेंबर ने उन्हें रोक लिया. क्रिस्टीना ने कहा मेरे लिए वही भारतीय देवता हैं, उन्होंने मेरी जान बचाई.क्रिस्टीना उस रात अपने दूसरे परफॉर्मेंस के लिए मंच पर थीं. हाईवे से लगते इस नाइटक्लब में भीड़ काफी अधिक थी. संगीत तेज चल रहा था और लोग डांस का आनंद ले रहे थे. इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और कुछ ही सेकंड में आग ने तेजी से फैलकर पूरे क्लब को अपनी चपेट में ले लिया. उसी समय एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें क्रिस्टीना मंच पर परफॉर्म कर रही हैं और अगले ही पल दर्शक अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखाई देते हैं.गोवा के प्रसिद्ध नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में लगी भीषण आग ने देशभर को हिला दिया. इस हा"दसे में 26 लोगों की मौ@त हो गई, जबकि कई लोग गं"भीर रूप से घा"यल हुए. इन्हीं बचे हुए लोगों में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. कजाखिस्तान की पेशेवर बेली डांसर हैं क्रिस्टीना. हादसे से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें क्रिस्टीना का परफॉर्मेंस और आग लगते ही वहां फैली अफरा-तफरी साफ दिखाई देती है. लेकिन इन सबके बीच क्रिस्टीना की कहानी सबसे ज्यादा दिल छू लेने वाली है, क्योंकि वह मौ@त के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थीं.

image
19 w - Translate

बॉलीवुड में कई स्टार आते हैं, कई जाते हैं… लेकिन कुछ ऐसे कलाकार होते हैं जो अपनी एक्टिंग से पीढ़ियाँ याद रखती हैं। उन्हीं में से एक नाम है— **अक्षय खन्ना**।
यह पोस्ट उनके करियर की उस जर्नी का सबूत है, जहाँ एक एक्टर खुद को हर फिल्म में बदलता गया—इतना कि लोग पहचान तक नहीं पाए।
“Hungama” का मासूम और मज़ाकिया लड़का जब “Section 375” में एक तीखे दिमाग वाला वकील बनता है, तो लगता है जैसे स्क्रीन पर कोई दूसरा एक्टर है। वहीं “Drishyam 2” में उनका इंटेंस, अंदर तक चुभने वाला किरदार बता देता है कि अक्षय सिर्फ एक्टिंग नहीं करते—वो किरदार को जीते हैं।
लेकिन असली कमाल तो तब आता है जब वे “Chhaava” में एक ऐतिहासिक राजा बने दिखते हैं—रॉयल लुक, कड़क आंखें और राजसी व्यक्तित्व… पूरी तरह ट्रांसफॉर्मेशन!
इसके बाद “Dhurandhar” में घायल, टूटा हुआ, लेकिन भीतर से आग से भरा व्यक्तित्व—यह लुक वही समझ सकता है जो अक्षय की एक्टिंग की गहराई को महसूस कर चुका है।
और फिर—“Mahakaal” वाला रौद्र रूप!
ऐसा लुक देखकर fans कहते हैं—
**“एक्टर नहीं, आग है ये इंसान!”**
अक्षय खन्ना लंबे समय से लाइमलाइट से दूर रहकर भी अपनी हर फिल्म से साबित करते आए हैं कि स्टारडम का शोर नहीं, टैलेंट की गूंज मायने रखती है।
सच में…
**वह सिर्फ एक्टर नहीं, versatility का दूसरा नाम हैं।🔥**
#fblifestyle
#akshayekhanna
#versatileactor
#bollywoodlegends
#transformationking

image
19 w - Translate

आज भारत में नटराज और अप्सरा पेंसिल सिर्फ स्टेशनरी ब्रांड नहीं, बल्कि हर छात्र की पहचान बन चुकी हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन ब्रांड्स के पीछे तीन दोस्तों की ऐसी कहानी है, जो असफलताओं, मज़ाक और सीमित संसाधनों से लड़कर बनी है।
1950 के दशक में जब बी. जे. सांगवी, रामनाथ मेहरा और मनसुखानी ने पेंसिल मैन्युफैक्चरिंग का विचार रखा, तो उन्हें ताने सुनने पड़े। लोग कहते थे, “पेंसिल बनाकर कौन अमीर बनता है?”
उस समय भारतीय बाज़ार पर विदेशी पेंसिलों का दबदबा था और देसी उत्पादों को कमतर समझा जाता था।
लेकिन तीनों दोस्तों ने हार नहीं मानी। बी. जे. सांगवी गरीबी और सीमित पूंजी के बावजूद अपने सपने पर डटे रहे। वे जर्मनी गए, जहाँ उन्होंने पेंसिल बनाने की आधुनिक मशीनों और तकनीक को समझा। भारत लौटने के बाद वे महीनों तक जंगलों में सही लकड़ी की तलाश में भटके और आखिरकार उन्हें पॉपलर वुड मिला, जो विदेशी सीडर का मज़बूत और सस्ता विकल्प साबित हुआ।
मशीनें खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए इन्होंने भारतीय इंजीनियरों के साथ मिलकर देसी जुगाड़ से खुद मशीनें तैयार कीं। यही आत्मनिर्भरता आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
साल 1958 में हिंदुस्तान पेंसिल्स लिमिटेड की नींव पड़ी और इसके साथ ही आया नटराज 621 HB, जिसने धीरे-धीरे भारतीय बाज़ार में अपनी जगह बनानी शुरू की। कंपनी ने स्कूलों में फ्री सैंपल देने की रणनीति अपनाई। बच्चों और शिक्षकों ने गुणवत्ता को पहचाना और नटराज देशभर में लोकप्रिय हो गई।
इसके बाद 1970 में अप्सरा ब्रांड लॉन्च हुआ, जिसने आर्टिस्ट और प्रोफेशनल सेगमेंट में अपनी अलग पहचान बनाई। डस्ट-फ्री इरेज़र, प्रीमियम पेंसिल और शार्पनर जैसे इनोवेशन के साथ कंपनी ने लगातार अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मज़बूत किया।
आज हिंदुस्तान पेंसिल्स
भारत के स्टेशनरी मार्केट में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।
कंपनी रोज़ाना
80 लाख पेंसिल,
15 लाख शार्पनर,
और 25 लाख इरेज़र का उत्पादन करती है।
इसका सालाना ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 500 करोड़ रुपये है।
यह कहानी सिर्फ पेंसिल बनाने की नहीं है, यह कहानी है हिम्‍मत, नवाचार, देसी इंजीनियरिंग और भारत में ब्रांड बनाने के आत्मविश्वास की।
#natarajpencil #apsarapencil #hindustanpencils #indianbrands #startupindia #businessstory #makeinindia #entrepreneurjourney #inspiration #yourstory #yourstoryhindi

image
19 w - Translate

सच्चा प्रेम बस दिल से दिल तक जुड़कर हमेशा कायम रहता है। ❤️✨
#sachaprem #truelove #lovestory #reallove #hearttouching #relationshipgoals #foreverlove #trust #purelove #emotionallove #hindilovequotes #lovestatus

image