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शुभ प्रभात

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सनसनीखेज खबर | मंदसौर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला 🔥

मंदसौर:
बहू के कहने पर 80 साल की बुजुर्ग दादी को बस स्टैंड पर छोड़कर चला गया पोता। उम्र के इस पड़ाव पर सहारे की ज़रूरत थी, लेकिन उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग महिला काफी देर तक बस स्टैंड पर बैठी रोती रहीं। राहगीरों ने जब हाल पूछा तो पूरी कहानी सामने आई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मदद की पहल की।

यह घटना कई सवाल खड़े करती है—
👉 क्या हम अपनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भूलते जा रहे हैं?
👉 क्या बुजुर्गों का सम्मान अब सिर्फ शब्दों तक रह गया है?

समाज को सोचने की ज़रूरत है कि जिन हाथों ने हमें चलना सिखाया, उन्हें इस तरह अकेला छोड़ देना कहाँ तक सही है?

#मंदसौर #मानवता_पर_सवाल #बुजुर्गों_का_सम्मान #राकेशपाल_न्यूज

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प्यार ने तोड़ी उम्र की दीवार, मंदिर में रचाई शादी 🔥

एक अनोखा मामला सामने आया है जहाँ 60 साल के स्कूल मैनेजर ने 28 साल की टीचर से मंदिर में शादी रचा ली। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना अपने रिश्ते को नया नाम दिया।

बताया जा रहा है कि दोनों के बीच काफी समय से जान-पहचान थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। आखिरकार दोनों ने मंदिर में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर जीवनसाथी बनने का फैसला कर लिया।

इस शादी की खबर सामने आते ही इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। कोई इसे सच्चा प्यार बता रहा है तो कोई उम्र के बड़े अंतर को लेकर सवाल उठा रहा है।

👉 क्या प्यार सच में उम्र नहीं देखता?
👉 या समाज की सोच अब भी ऐसी शादियों को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाती?

फिलहाल, दोनों अपने फैसले से खुश नजर आ रहे हैं।

#प्यार #अनूठीशादी #समाजकीसोच #राकेशपालन्यूज

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सरकार का गजब प्लान, प्रधानमंत्री मोदी के 'वेस्ट टू वेल्थ' (Waste to Wealth) मंत्र पर चलते हुए भारत सरकार ने साल 2021 से अब तक कबाड़ और पुरानी फाइलों को बेचकर कुल 4,405.28 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय अर्जित की है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकारी दफ्तरों में चल रहे इस विशेष स्वच्छता अभियान ने न केवल खजाना भरा है, बल्कि कार्यालयों की सूरत भी बदल दी है

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जब दुनिया brand, style और status देखती है,
एक पिता ने यादों को पहन लिया।

5 साल की बेटी ने खेल-खेल में काग़ज़ की जो टाई बनाई थी,
आज उसी टाई को पहनकर पापा
उसकी ज़िंदगी के सबसे बड़े दिन में खड़े थे।

👉 रिश्ते महंगे नहीं होते,
👉 सच्चे होते हैं।

ऐसा प्यार हर बेटी की किस्मत में हो… ❤️

#fatherslove
#emotionalstory
#purebond
#familylove

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रदोई, उत्तर प्रदेश

हरदोई जिले के एक सरकारी स्कूल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के एक शिक्षक की कथित करतूत से छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि स्कूल में हुई इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

#breakingnews #hardoi #uttarpradesh #schoolnews #educationdepartment #upnews #viralnews #hindinews #liveupdate #हरदो

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₹35 का दूध, ₹37 में क्यों?
जब 500 ग्राम Amul दूध की तय कीमत ₹35 है, तो ₹37 वसूलना किस नियम के तहत है?
“सिर्फ 2 रुपये ही तो हैं” —
लेकिन सोचिए, रोज़ हजारों पैकेट बिकें तो ये 2 रुपये कितनी बड़ी कमाई बन जाते हैं।
यह मुद्दा सिर्फ 2 रुपये का नहीं,
ईमानदारी और उपभोक्ता अधिकार का है।
फरीदाबाद की मंडी में अगर MRP से ज्यादा वसूली हो रही है, तो प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
जागरूक रहें, सवाल पूछें, और सही कीमत ही दें।

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मैं एक आम नागरिक हूँ।
मैंने सिर्फ इतना कहा था —
सिर्फ चालान काटने से
सड़कें सुरक्षित नहीं हो जातीं।
अगर हेलमेट जरूरी है,
तो अच्छी सड़कें भी जरूरी हैं।
अगर नियम लागू होते हैं,
तो सब पर बराबर होने चाहिए।
मैंने किसी का अपमान नहीं किया,
बस सवाल पूछा।
लेकिन कुछ ही मिनटों में
मुझे उठाकर ले जाया गया।
क्या लोकतंत्र में
सवाल पूछना गलत है?
सुरक्षा सिर्फ जुर्माने से नहीं,
व्यवस्था सुधारने से आती है।
आप क्या सोचते हैं —
सिस्टम सुधारना जरूरी है या
सिर्फ नियम लागू करना?

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मैं एक आम नागरिक हूँ।
मैंने सिर्फ इतना कहा था —
सिर्फ चालान काटने से
सड़कें सुरक्षित नहीं हो जातीं।
अगर हेलमेट जरूरी है,
तो अच्छी सड़कें भी जरूरी हैं।
अगर नियम लागू होते हैं,
तो सब पर बराबर होने चाहिए।
मैंने किसी का अपमान नहीं किया,
बस सवाल पूछा।
लेकिन कुछ ही मिनटों में
मुझे उठाकर ले जाया गया।
क्या लोकतंत्र में
सवाल पूछना गलत है?
सुरक्षा सिर्फ जुर्माने से नहीं,
व्यवस्था सुधारने से आती है।
आप क्या सोचते हैं —
सिस्टम सुधारना जरूरी है या
सिर्फ नियम लागू करना?

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मोदी है तो मुमकिन है!
ये जुमला फिर कल मेरठ मे पूर्ण चरितार्थ हुआ और वायरल हो रहा, बात ये है भइया कि कल महामानव मेरठ मे मेट्रो का उदघाटन करने गए और रविवार होने के बावजूद स्कूल के बच्चे ट्रेन मे आ गए l
मतलब हर जगह लम्पट बाजी, धोखेबाजी ही करते है क्या ये, ज़ब Sunday है तो स्कूल ड्रेस मे. बच्चे कैसे आ गए, यदि बच्चे आये तो ये बनावटी फोटो है केवल दिखावा के लिए l

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