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परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी के श्रीमुख से राम कथा एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य, भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन हुआ।
इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र अविक के नन्हे कान्हा के अवतार के साथ वासुदेव जी का पात्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शुभ घड़ी में परिवार के सभी सदस्यों ने पीतांबर धारण कर श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कथा में सम्मिलित होकर इस क्षण को अविस्मरणीय बनाया तथा साथ ही पुण्य लाभ लेकर स्वयं को धन्य किया।

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परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी के श्रीमुख से राम कथा एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य, भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन हुआ।
इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र अविक के नन्हे कान्हा के अवतार के साथ वासुदेव जी का पात्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शुभ घड़ी में परिवार के सभी सदस्यों ने पीतांबर धारण कर श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कथा में सम्मिलित होकर इस क्षण को अविस्मरणीय बनाया तथा साथ ही पुण्य लाभ लेकर स्वयं को धन्य किया।

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