22 w - Translate

Today in 1989, A Lion was Born! Shaurya Chakra Major Anuj Sood He was martyred on May 2, 2020, during a counter-terr’orism operation in Handwara, Jammu and Kashmir

image
22 w - Translate

ये हैं परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव जिन्होंने महज़ 19 साल की उम्र में 15 गोलियाँ खाने के बावजूद दुश्मनों को हराकर तिरंगा लहराया था। योगेंद्र सिंह यादव की शादी की मेहंदी फीकी भी नहीं पड़ी थी कि शादी के 15 दिन बाद कारगिल से बुलावा आ गया।

10 मई, 1980 को जन्मे योगेंद्र यादव महज 16 साल और 5 महीने की छोटी उम्र में सेना की 18 ग्रेनेडियर में भर्ती हो गए थे। कारगिल में दुश्मनों के हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन विजय के दौरान योगेंद्र 18वीं ग्रेनेडियर्स की घातक प्लाटून के सदस्य थे। इस प्लाटून को जम्मू कश्मीर के द्रास सेक्टर में टाइगर हिल टॉप कब्जाने का जिम्मा मिला था।

image
22 w - Translate

रविंद्रनाथ अपने साथियों के साथ बंगाल की खाड़ी में हल्दिया के पास मछली पकड़ने गया था। तभी अचानक समुद्र का रुख बदल गया तेज़ तूफान उठा, लहरें बेकाबू हो गईं और देखते ही देखते नाव पलट गई। रविंद्रनाथ के 11 साथी समंदर की विशाल लहरों में बह गए।

लेकिन रविंद्रनाथ ने हार नहीं मानी।
वो तैरता रहा… तैरता रहा… ऊपर बस आसमान, नीचे अथाह पानी। घंटे बीते, दिन बीत गए।

5 दिन तक रवीन्द्रनाथ समंदर में अकेले तैरता रहा, न खाना, न पीने का पानी, सिर्फ़ ज़िंदा रहने की जिद। तैरते रहने के दौरान मैंने कुछ नहीं खाया। रुक-रुक कर बारिश हो रही थी और बड़ी-बड़ी लहरें उठ रही थीं। बारिश होने पर ही मैंने पानी पिया।

image
22 w - Translate

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए पिता के पार्थिव शरीर को देखकर एक साल की बेटी पापा..पापा बोलने लगी। इस सीन को जिसने भी देखा भावुक हो गया।
उधमपुर के माजलता में शहीद हुए अमजद खान का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद जवान का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा तो उनकी एक साल की बेटी अपने पिता को आखिरी देने पहुंची। पिता के शव को देखकर मासूम बेटी पापा..पापा...पुकारती रही लेकिन अमजद खान नहीं जागे।
बेटी को पता ही नहीं था कि अब उसके पापा कभी नहीं जागेंगे। बेटी का पापा के प्रति लगाव देखकर हर किसी के आंखों में आंसू आ गए। भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ❣️🇮🇳
#indianarmy

image
22 w - Translate

रामपुर वार्ड में श्री राधेश्याम मौर्य जी के आवास से श्री साईं जी के आवास तक ₹ 11.92 लाख की लागत से 110 मीटर इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास सम्पन्न हुआ।

image
22 w - Translate

रामपुर वार्ड में श्री राधेश्याम मौर्य जी के आवास से श्री साईं जी के आवास तक ₹ 11.92 लाख की लागत से 110 मीटर इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास सम्पन्न हुआ।

image
22 w - Translate

रामपुर वार्ड में श्री राधेश्याम मौर्य जी के आवास से श्री साईं जी के आवास तक ₹ 11.92 लाख की लागत से 110 मीटर इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास सम्पन्न हुआ।

imageimage
22 w - Translate

जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले तब काल जटायु को लेने आया !
और जैसे ही काल आया। गिद्धराज जटायु ने मौत को ललकार कहा: "सावधान ऐ काल !आगे बढ़ने की कोशिश मत करना...!”
मैं मृत्यु को स्वीकार तो करूँगा...लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकता जब तक मैं सीता जी की सुधि प्रभु "श्रीराम" को नहीं सुना देता...!”
मौत उन्हें छू नहीं पा रही है प्रतीक्षा कर रही खड़ी हो कर..! और मौत तब तक खड़ी रही, जब तक जटायु ने प्राण नहीं त्यागे।

image

image

image