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भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकाल भ्रमण के दौरान भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक श्री मेहरबान सिंह जी के प्रतिष्ठान पर चाय की चुस्कियों का आनंद लिया, इस दौरान उन्होंने भेंट स्वरूप घर पर बने स्वादिष्ट अरसे भी दिए। इस अवसर पर वहां उपस्थित स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद कर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया।
जनता से सीधे संवाद का यह माध्यम सदैव हमें और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकाल भ्रमण के दौरान भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक श्री मेहरबान सिंह जी के प्रतिष्ठान पर चाय की चुस्कियों का आनंद लिया, इस दौरान उन्होंने भेंट स्वरूप घर पर बने स्वादिष्ट अरसे भी दिए। इस अवसर पर वहां उपस्थित स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद कर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया।
जनता से सीधे संवाद का यह माध्यम सदैव हमें और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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मराठा साम्राज्य के कुशल कूटनीतिज्ञ, कुशल प्रशासक ब्रिटिश शासन के कठिन दौर में मराठा साम्राज्य की कीर्ति को उसकी बुलन्दियों पर पहुंचाने वाले दूरदर्शी मंत्री नाना फडणवीस (12 फरवरी 1742 – 13 मार्च 180 जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शतशः नमन!
उनके राजनीतिक चातुर्य के कारण अंग्रेज उन्हें “मराठा मैकियावेली” कहते थे। उनका वास्तविक नाम बालाजी जनार्दन भानु था। उनका जन्म सतारा, महाराष्ट्र में एक चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
1761 में पानीपत के तीसरे युद्ध के बाद, जब मराठा शक्ति बिखर गई थी, तब नाना फड़नवीस ने साम्राज्य को पुनर्गठित करने और उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।
पेशवा नारायण राव की हत्या के बाद, उन्होंने 'बार भाई' (12 सदस्यों की परिषद) का गठन किया, जिसने नवजात पेशवा माधवराव द्वितीय के नाम पर शासन चलाया और रघुनाथराव के सत्ता हथियाने के प्रयासों को विफल कर दिया।उन्होंने मराठा हितों की रक्षा के लिए अंग्रेजों (ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी) की विस्तारवादी नीतियों का कड़ा विरोध किया और पहले आंग्ल-मराठा युद्ध में कुशल कूटनीति का परिचय दिया।उन्होंने मैसूर के टीपू सुल्तान और हैदराबाद के निजाम के खिलाफ सफल सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया और मराठा क्षेत्रों को पुनः प्राप्त किया।नाना ने एक मजबूत खुफिया विभाग और केंद्रीकृत राजस्व प्रणाली की स्थापना की थी।
नाना फड़नवीस की मृत्यु (13 मार्च 180 को मराठा साम्राज्य के पतन की शुरुआत माना जाता है, क्योंकि उनके बाद कोई भी ऐसा नेता नहीं बचा जो बिखरे हुए मराठा सरदारों को एकजुट रख सके।
उनकी नीति, बुद्धिमत्ता और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।
#nanaphadnavis #marathaempire #indianhistory #veermaratha
#राष्ट्र_सेविका_समिति
#rss100years #समिति_संवाद_हिमाचलप्रांत

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जरा पहचानिए इन्हें..

दिल्ली में तरुण की हत्या के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस से मिला।

यह वही संगठन है जो 2006 के वाराणसी बम धमाकों के दोषी आतंकी वलीउल्लाह खान का कोर्ट में बचाव कर चुका है, वाराणसी धमाके में 28 लोगों की मौत हुई थी।

इसी तरह 2010 में पुणे की जर्मन बेकरी में हुए बम धमाके के आरोपी मिर्ज़ा हिमायत बैग का भी इस संगठन ने कोर्ट में बचाव किया था, उस हमले में 17 लोग मारे गए थे।

आतंकियों का कोर्ट में बचाव करने से देश का "सेक्युलरिज़्म" खतरे में नहीं पड़ता,

लेकिन होली पर फेंका गया एक पानी का गुब्बारा जरूर समस्या बन जाता है!

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देशवासियों को LPG को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। मोदी सरकार ने समय रहते ठोस कदम उठाते हुए कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और सप्लाई सुनिश्चित की है।

🔥 LPG उत्पादन बढ़ा
🚚 डिलीवरी तेज हुई
📦 पैनिक बुकिंग पर नियंत्रण

सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है: देश के हर घर तक LPG की निर्बाध सप्लाई।

अफवाहों से दूर रहें। मोदी सरकार हर पल आपके साथ, आपके लिए खड़ी है। 🇮🇳💪

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अंध भक्तों को समस्या नहीं दिख रही हे लेकिन वास्तव ने कई जगहों लोग...…..see more

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महाराष्ट्र: स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक के वंशज रोहित तिलक ने कहा, "... तिलक जी किसी पार्टी के नहीं थे उस समय कांग्रेस एक आंदोलन थी, पार्टी नहीं थी, यह एक स्वतंत्रता आंदोलन था जिसमें सभी लोग शामिल थे। बाद में यह अलग-अलग पार्टियों में बंट गया। तिलक जी, या मैं जिन भी क्रांतिकारी का ज़िक्र करता हूं, वे किसी एक पार्टी से जुड़े नहीं थे, उनका बलिदान देश के लिए था.
#balgangadhartilak #rohittilak #freedommovement #indianhistory

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मैं पिछले 5 सालों से लगातार लोगों को याद दिलाती आई हूँ कि UPA या काँग्रेस की सरकारों में सेनाओं के बेस पर आतंकवादियों के हमले नहीं होते थे.

जब-जब भी हमारे देश की सेनाओं के बेस (यूनिट) पर आतंकवादियों की नज़र पड़ी है, हमेशा भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही रही है.

अब इन तारीखों को चुनावों से मिलाकर भी देखिए, आपको मेरी बात की पूरी सच्चाई समझ में आ जाएगी.

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