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आज कार्यालय में बहन मिथलेश श्रीवास्तव जी का जन्मदिन बहन फाउंडेशन की बहनों के साथ केक काटकर उल्लासपूर्वक मनाया गया....
आप सदैव स्वस्थ एवं दीर्घायु हो और आपका अमूल्य स्नेह, आशीर्वाद हमेशा मुझे मिलता रहे, ऐसी ईश्वर के चरणों में कामना है...
जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं....

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पिठापुरम, आंध्र प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जो अपने मंदिरों और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहाँ कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर, श्री पुरहूतिका देवी मंदिर, कुंथिमधवा स्वामी मंदिर और श्रीपाद वल्लभ अनाघा दत्ता क्षेत्रम जैसे प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं। पिठापुरम को अष्टादश शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और यह 18 शक्तिपीठों में से 10वें स्थान पर है। यह स्थान श्रीपाद श्रीवल्लभ, एक प्रसिद्ध 14वीं सदी के संत, के जन्मस्थान के रूप में भी जाना जाता है, जिन्हें दत्तात्रेय का अवतार माना जाता है।
पिठापुरम के मुख्य आकर्षण:
कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, और यहाँ स्वयंभू लिंग (स्वयं प्रकट हुआ लिंग) स्थापित है।
श्री पुरहूतिका देवी मंदिर:
यह मंदिर अष्टादश शक्तिपीठों में से एक है, और देवी सती को पुरहूतिका के रूप में पूजा जाता है।
कुंथिमधवा स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।

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पिठापुरम, आंध्र प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जो अपने मंदिरों और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहाँ कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर, श्री पुरहूतिका देवी मंदिर, कुंथिमधवा स्वामी मंदिर और श्रीपाद वल्लभ अनाघा दत्ता क्षेत्रम जैसे प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं। पिठापुरम को अष्टादश शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और यह 18 शक्तिपीठों में से 10वें स्थान पर है। यह स्थान श्रीपाद श्रीवल्लभ, एक प्रसिद्ध 14वीं सदी के संत, के जन्मस्थान के रूप में भी जाना जाता है, जिन्हें दत्तात्रेय का अवतार माना जाता है।
पिठापुरम के मुख्य आकर्षण:
कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, और यहाँ स्वयंभू लिंग (स्वयं प्रकट हुआ लिंग) स्थापित है।
श्री पुरहूतिका देवी मंदिर:
यह मंदिर अष्टादश शक्तिपीठों में से एक है, और देवी सती को पुरहूतिका के रूप में पूजा जाता है।
कुंथिमधवा स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।

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पिठापुरम, आंध्र प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जो अपने मंदिरों और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहाँ कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर, श्री पुरहूतिका देवी मंदिर, कुंथिमधवा स्वामी मंदिर और श्रीपाद वल्लभ अनाघा दत्ता क्षेत्रम जैसे प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं। पिठापुरम को अष्टादश शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और यह 18 शक्तिपीठों में से 10वें स्थान पर है। यह स्थान श्रीपाद श्रीवल्लभ, एक प्रसिद्ध 14वीं सदी के संत, के जन्मस्थान के रूप में भी जाना जाता है, जिन्हें दत्तात्रेय का अवतार माना जाता है।
पिठापुरम के मुख्य आकर्षण:
कुकुटेश्वर स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, और यहाँ स्वयंभू लिंग (स्वयं प्रकट हुआ लिंग) स्थापित है।
श्री पुरहूतिका देवी मंदिर:
यह मंदिर अष्टादश शक्तिपीठों में से एक है, और देवी सती को पुरहूतिका के रूप में पूजा जाता है।
कुंथिमधवा स्वामी मंदिर:
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।

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Family ❤️ its roka not engagement रोका एक पारंपरिक भारतीय विवाह-पूर्व समारोह है, जो सगाई से पहले होता है। इसे "रिश्ता पक्का होना" या "पसंद की शादी तय होना" भी कहा जाता है। इसमें, दूल्हा और दुल्हन के परिवार एक-दूसरे को उपहार देते हैं और शादी के लिए अपनी सहमति व्यक्त करते हैं

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Family ❤️ its roka not engagement रोका एक पारंपरिक भारतीय विवाह-पूर्व समारोह है, जो सगाई से पहले होता है। इसे "रिश्ता पक्का होना" या "पसंद की शादी तय होना" भी कहा जाता है। इसमें, दूल्हा और दुल्हन के परिवार एक-दूसरे को उपहार देते हैं और शादी के लिए अपनी सहमति व्यक्त करते हैं

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Family ❤️ its roka not engagement रोका एक पारंपरिक भारतीय विवाह-पूर्व समारोह है, जो सगाई से पहले होता है। इसे "रिश्ता पक्का होना" या "पसंद की शादी तय होना" भी कहा जाता है। इसमें, दूल्हा और दुल्हन के परिवार एक-दूसरे को उपहार देते हैं और शादी के लिए अपनी सहमति व्यक्त करते हैं

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