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अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा।

— धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

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स्वाति मालीवाल को खुद बदलने की ज़रूरत नहीं थी बस गलत संगत से अलग होने की ज़रूरत थी। कहते हैं न, गलत संगत इंसान को धीरे-धीरे बर्बाद कर देती है, और उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

आज उन्हें देखिए। वह लगातार सही मुद्दे उठा रही हैं और आम लोगों की असली परेशानियों पर खुलकर बोल रही हैं। खासतौर पर उन्होंने जिस तरह अस्पतालों की लूट पर सवाल खड़े किए हैं, वह कड़वी सच्चाई को सामने लाता है।

उन्होंने साफ कहा कि जैसे ही किसी अस्पताल को पता चलता है कि मरीज के पास हेल्थ इंश्योरेंस है, इलाज से पहले कमाई शुरू हो जाती है। बिना ज़रूरत की जांचें लिख दी जाती हैं, बिल फुला दिए जाते हैं और सिर्फ टेस्ट के नाम पर 20-25 हज़ार रुपये वसूल लिए जाते हैं, जबकि असली इलाज अभी शुरू भी नहीं होता।

यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों का रोज़ का अनुभव है। आज स्वाति मालीवाल ज़मीन से जुड़े मुद्दों पर बात कर रही हैं, जिन पर अक्सर पर्दा डाल दिया जाता है। उनकी यह साफ सोच दिखाती है कि जब इंसान गलत प्रभाव से बाहर निकलकर लोगों के लिए आवाज़ उठाता है, तो उसकी बात में दम और असर दोनों होते हैं।

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लीसा लियू ने टीचर की नौकरी छोड़कर ताबूत का बिजनेस शुरू किया और इसे एक सफल अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बदल दिया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, उनके कंपनी से हर साल करीब 40,0 00 ताबूत निर्यात कर लगभग 6 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपये) कमाई करता है.

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जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व कप्तान इमरान खान की खराब सेहत को लेकर दुनिया के 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान खान को जेल में उचित इलाज और बेहतर सुविधाएं देने की मांग की है. इस इस चिट्ठी पर बेलिंडा क्लार्क, ग्रेग चैपल, माइकल एथरटन, सुनील गावस्कर, कपिल देव, नासिर हुसैन, इयान चैपल, माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं.

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छत्तसीगढ़: बेटे की मौत के बाद मां-बाप ने भी खत्म की जिंदगी

◆ दंपत्ति हादसे में मारे गए बेटे का गम बर्दाश्त नहीं कर सके और एक साड़ी की गांठ से दोनों ने फंदा लगाकर जान दे दी

◆ सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, "आदित्य हमारी जिंदगी, नींव और दुनिया था, एक आज्ञाकारी बेटा और एक दोस्त"

◆ पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि दंपति ने रविवार देर रात एक साड़ी की मदद से नीम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगा लिया

#chhattisgarhnews | Suicide | Chhatisgarh

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