Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.

दिल्ली से इंदौर आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-2515) में शनिवार को तकनीकी खराबी के कारण भारी हंगामा देखने को मिला।
विमान को रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा, जिसके बाद आक्रोशित यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरलाइन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रिफंड की मांग को लेकर अड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों को विमान में बैठाने के बाद तकनीकी क्लीयरेंस न मिलने के कारण फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर ही खड़ा रखा गया।
इस दौरान विमान के अंदर एसी बंद कर दिया गया। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे विमान के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन का व्यवहार शुरुआत से ही गैर-जिम्मेदाराना था। बोर्डिंग से पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर दो बार गेट बदले गए, जिससे यात्री भ्रमित और परेशान होते रहे। जब विमान रनवे से वापस आया तो यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
#airindiaflight #delhiindore