असंभव अब संभव है: बदलते भारत की नई तस्वीर! 🇮🇳
आज का भारत बदल रहा है और यह तस्वीर उस बदलाव की सबसे बड़ी गवाह है। देश के इतिहास में पहली बार हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ काबिलियत को विरासत पर वरीयता दी जा रही है। यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों की जीत है।
तीन चेहरे, एक संकल्प: अंत्योदय
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (माननीय राष्ट्रपति): एक आदिवासी समाज से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि आज के भारत में एक साधारण पृष्ठभूमि की महिला भी देश का नेतृत्व कर सकती है। यह नारी शक्ति और समावेशी लोकतंत्र की जीत है। 🚩
श्री नरेंद्र मोदी (माननीय प्रधानमंत्री): एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले बालक से लेकर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनने तक का सफर। मोदी जी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो "नामदार" होना जरूरी नहीं, "कामदार" होना ही काफी है। उनके नेतृत्व में भारत आज विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। 🔱
योगी आदित्यनाथ (माननीय मुख्यमंत्री): एक सन्यासी और मठ के प्रमुख का राजनीति में आकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारना और उसे विकास के पथ पर लाना अद्भुत है। उन्होंने दिखाया कि सेवा और शासन एक साथ कैसे चलते हैं। 🐂
सिर्फ भाजपा में ही यह संभव है!
यह तस्वीर चीख-चीख कर कह रही है कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद की कोई जगह नहीं है। यहाँ एक आम कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा के दम पर शिखर तक पहुँच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी का 'सबका साथ, सबका विकास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती हकीकत है।
आइए, हम सब मिलकर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के इस संकल्प को आगे बढ़ाएं। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

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असंभव अब संभव है: बदलते भारत की नई तस्वीर! 🇮🇳
आज का भारत बदल रहा है और यह तस्वीर उस बदलाव की सबसे बड़ी गवाह है। देश के इतिहास में पहली बार हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ काबिलियत को विरासत पर वरीयता दी जा रही है। यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों की जीत है।
तीन चेहरे, एक संकल्प: अंत्योदय
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (माननीय राष्ट्रपति): एक आदिवासी समाज से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि आज के भारत में एक साधारण पृष्ठभूमि की महिला भी देश का नेतृत्व कर सकती है। यह नारी शक्ति और समावेशी लोकतंत्र की जीत है। 🚩
श्री नरेंद्र मोदी (माननीय प्रधानमंत्री): एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले बालक से लेकर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनने तक का सफर। मोदी जी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो "नामदार" होना जरूरी नहीं, "कामदार" होना ही काफी है। उनके नेतृत्व में भारत आज विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। 🔱
योगी आदित्यनाथ (माननीय मुख्यमंत्री): एक सन्यासी और मठ के प्रमुख का राजनीति में आकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारना और उसे विकास के पथ पर लाना अद्भुत है। उन्होंने दिखाया कि सेवा और शासन एक साथ कैसे चलते हैं। 🐂
सिर्फ भाजपा में ही यह संभव है!
यह तस्वीर चीख-चीख कर कह रही है कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद की कोई जगह नहीं है। यहाँ एक आम कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा के दम पर शिखर तक पहुँच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी का 'सबका साथ, सबका विकास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती हकीकत है।
आइए, हम सब मिलकर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के इस संकल्प को आगे बढ़ाएं। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

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असंभव अब संभव है: बदलते भारत की नई तस्वीर! 🇮🇳
आज का भारत बदल रहा है और यह तस्वीर उस बदलाव की सबसे बड़ी गवाह है। देश के इतिहास में पहली बार हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ काबिलियत को विरासत पर वरीयता दी जा रही है। यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों की जीत है।
तीन चेहरे, एक संकल्प: अंत्योदय
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (माननीय राष्ट्रपति): एक आदिवासी समाज से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि आज के भारत में एक साधारण पृष्ठभूमि की महिला भी देश का नेतृत्व कर सकती है। यह नारी शक्ति और समावेशी लोकतंत्र की जीत है। 🚩
श्री नरेंद्र मोदी (माननीय प्रधानमंत्री): एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले बालक से लेकर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनने तक का सफर। मोदी जी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो "नामदार" होना जरूरी नहीं, "कामदार" होना ही काफी है। उनके नेतृत्व में भारत आज विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। 🔱
योगी आदित्यनाथ (माननीय मुख्यमंत्री): एक सन्यासी और मठ के प्रमुख का राजनीति में आकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारना और उसे विकास के पथ पर लाना अद्भुत है। उन्होंने दिखाया कि सेवा और शासन एक साथ कैसे चलते हैं। 🐂
सिर्फ भाजपा में ही यह संभव है!
यह तस्वीर चीख-चीख कर कह रही है कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद की कोई जगह नहीं है। यहाँ एक आम कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा के दम पर शिखर तक पहुँच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी का 'सबका साथ, सबका विकास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती हकीकत है।
आइए, हम सब मिलकर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के इस संकल्प को आगे बढ़ाएं। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

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असंभव अब संभव है: बदलते भारत की नई तस्वीर! 🇮🇳
आज का भारत बदल रहा है और यह तस्वीर उस बदलाव की सबसे बड़ी गवाह है। देश के इतिहास में पहली बार हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ काबिलियत को विरासत पर वरीयता दी जा रही है। यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों की जीत है।
तीन चेहरे, एक संकल्प: अंत्योदय
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (माननीय राष्ट्रपति): एक आदिवासी समाज से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि आज के भारत में एक साधारण पृष्ठभूमि की महिला भी देश का नेतृत्व कर सकती है। यह नारी शक्ति और समावेशी लोकतंत्र की जीत है। 🚩
श्री नरेंद्र मोदी (माननीय प्रधानमंत्री): एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले बालक से लेकर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनने तक का सफर। मोदी जी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो "नामदार" होना जरूरी नहीं, "कामदार" होना ही काफी है। उनके नेतृत्व में भारत आज विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। 🔱
योगी आदित्यनाथ (माननीय मुख्यमंत्री): एक सन्यासी और मठ के प्रमुख का राजनीति में आकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारना और उसे विकास के पथ पर लाना अद्भुत है। उन्होंने दिखाया कि सेवा और शासन एक साथ कैसे चलते हैं। 🐂
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यह तस्वीर चीख-चीख कर कह रही है कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद की कोई जगह नहीं है। यहाँ एक आम कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा के दम पर शिखर तक पहुँच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी का 'सबका साथ, सबका विकास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती हकीकत है।
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गर्मियों में सेहत का ध्यान रखने वाले जमकर खीरा खाता है। खीरा न सिर्फ बॉडी को हाईड्रेट रखता है, बल्कि इसे डाइजेशन के लिए भी बेहतर माना जाता है। लेकिन इंटरनेट पर जो वीडियो वायरल है, उसे देखने के बाद आप बाहर खीरा खाने से पहले 2 बार जरूर सोचेंगे। इस वीडियो को देखने के बाद आप छीलकर रखे खीरे के ज्यादा ‘हरे’ होने पर भी शक कर सकते हैं।
क्योंकि वीडियो में महिला खीरे को हरे रंग से रंगती नजर आ रही है। यह घटना बिहार के कटिहार रेलवे जंक्शन की बताई जा रही है। इस मामले का अब रेलवे ने भी संज्ञान लिया है। खीरे के ऊपर अक्सर हरे रंग के छिलके की परत होती है। जिसे ज्यादातर लोग हटाकर ही खाते हैं। मगर बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन पर महिला छिले हुए खीरे को हरे रंग में डुबोती रखती नजर आती है। जैसा कि आप वीडियो में भी देख सकते हैं। खीरे को ज्यादा हरा दिखाने और अच्छा दाम पाने के चक्कर में महिला लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही होती है।

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डूबते अजनबी को बचाने कूड़ा युवक
#photographychallengechallengeraphychallengechallenge #fblifestyletyle #viralchallenge #bigbreaking #trendingnews— feeling happy in Shujalpur-sjp.

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जिस भाई ने अपनी हर खुशी कुर्बान करके बहन के सपनों को उड़ान दी… आज वही मेहनत 97.1% बनकर पूरे जिले में मिसाल बन गई। ✨
ये सिर्फ नंबर नहीं, एक भाई के त्याग, प्यार और भरोसे की जीत है। ❤️🙏

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कार में जिंदा जलने से 6 लोगों की मौत
#newsupdate #अलवर— with Bakhshish Singh and
19 others
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6 people ****d due to burning alive in car
#newsupdate #अलवर

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भारत की अटूट और अडिग आस्था और विश्वास के प्रतीक सोमनाथ के एक हजार वर्षों का स्मरणोत्सव 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' देश भर में मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi जी ने सोमनाथ के इतिहास के साथ ही इसकी रक्षा और पुनर्निर्माण करने वाली महान विभूतियों को स्मरण करते हुए आज अपने आलेख में बताया कि वह स्वयं सोमनाथ के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हो रहे भव्य कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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