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💪 मेहनत ही सफलता की कुंजी है 🔑

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खेलों के माध्यम से अपने जीवन की दिशा तय करें युवा खिलाड़ीः सिंकू कुमार सिंह
ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिताः अंकित पाल एकादश अगले दौर में पहुंची
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ग्वालियर एवं महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम पर आयोजित ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में अंकित पाल एकादश ने इशिका चौधरी एकादश को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हौसला मुख्य अतिथि सिंकू कुमार सिंह (एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी दिल्ली के संयुक्त सचिव) ने बढ़ाया।

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खेलों के माध्यम से अपने जीवन की दिशा तय करें युवा खिलाड़ीः सिंकू कुमार सिंह
ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिताः अंकित पाल एकादश अगले दौर में पहुंची
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ग्वालियर एवं महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम पर आयोजित ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में अंकित पाल एकादश ने इशिका चौधरी एकादश को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हौसला मुख्य अतिथि सिंकू कुमार सिंह (एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी दिल्ली के संयुक्त सचिव) ने बढ़ाया।

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खेलों के माध्यम से अपने जीवन की दिशा तय करें युवा खिलाड़ीः सिंकू कुमार सिंह
ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिताः अंकित पाल एकादश अगले दौर में पहुंची
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ग्वालियर एवं महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम पर आयोजित ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में अंकित पाल एकादश ने इशिका चौधरी एकादश को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हौसला मुख्य अतिथि सिंकू कुमार सिंह (एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी दिल्ली के संयुक्त सचिव) ने बढ़ाया।

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इन गरीब और लाचार छोटे बच्चों की मासूमियत को देखकर आपको रोना आ जाएगा।😢

बिहार नवादा के इन मासूम बच्चों ने भुखमरी और गरीबी के कारण अपनी मां को खो दिया,

बच्चे इतने मजबूर हैं कि इनके पास न तो रहने का ठिकाना है और न ही खाने तक का इंतजाम,

छोटी सी उम्र में ये बच्चे पूरी तरह बेबस और लाचार हो गए हैं, जिनकी जिंदगी सिर्फ दर्द और संघर्ष में बदल गई है,

आज इन बच्चों के चेहरे पर मासूमियत के साथ-साथ गहरी बेबसी साफ नजर आती है।