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Radhe Krishna ❤️

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मीराबाई चानू ने जीता राष्ट्रमंडल खेलों का चौथा पदक!
भारतीय वेटलिफ्टिंग की दिग्गज मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना चौथा पदक जीतकर एक और इतिहास रच दिया।
🏅 उनका शानदार सफर: 🥈 ग्लासगो 2014 – रजत पदक
🥇 गोल्ड कोस्ट 2018 – स्वर्ण पदक
🥇 बर्मिंघम 2022 – स्वर्ण पदक
🥇 ग्लासगो 2026 – स्वर्ण पदक
तीन स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ मीराबाई चानू ने खुद को भारत की महानतम खिलाड़ियों में शामिल कर लिया है। 🇮🇳❤️
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! 👏🎉 🏋️‍♀️🇮🇳
#mirabaichanu #cwg2026

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जय बजरंगबली

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तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।

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Funny Baby Ganesh & Mushak Laddoo Chase 😂

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तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।

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तस्वीर में दिख रहे दीपक और ललित सगे भाई हैं। आरोप है कि दोनों ने गाजियाबाद में अपने ही माता-पिता की एक साथ हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। उसने अपने माता-पिता, विमलेश और गंगासरण, से पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्रसव के बाद नवजात बेटे की मौत हो गई।
ललित के अनुसार, बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले लगातार ताने देते रहे। पत्नी कहती थी कि अगर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसी घटना के बाद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति नफरत पैदा हो गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने जेल ले जाते समय कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।

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