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महान हिंदुनिष्ठ एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, UGC गजट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं , कुत्तों से लेकर आतंकियों तक की सुनवाई, तुरन्त अगले दिन करने वाली सुप्रीम कोर्ट ने UGC पर सुनवाई की तारीख़ दो_महीने बाद की दी है...
कोई शक नहीं है कि इस पूरे अध्यादेश के प्रमुख सूत्रधार स्वयं माननीय प्रधानमंत्री जी हैं, भारत सरकार के प्रत्येक मंत्रालय में प्रत्येक बड़ा निर्णय प्रधानमंत्री जी की कंसेंट के बिना संभव नहीं है,प्रधानमंत्री जी इसका श्रेय भी लेते है ! UGC वाले मामले की संसदीय विचार-विमर्श कमेटी में भाजपाई सांसदों का बड़ा बहुमत था, रविशंकर प्रसाद जैसे श्रेष्ठ कानूनविद इस कमेटी में रखे गए थे ! कमेटी का अध्यक्ष दिग्विजय सिंह को इसलिए बनाया गया, जिससे बाद में उठने वाले सवर्ण जनाक्रोश का ठीकरा, दिग्विजय सिंह, जो ज्ञात हिन्दुविरोधी हैं,पर फोड़ा जा सके !!
आंख मुंदने से सच्चाई नहीं बदल सकती कि देश का नेतृत्व ऐसे हाथों में हैं जो सिर्फ दिखता सनातनी है,लेकिन उनका विश्वास साम्यवाद, अम्बेडकरवाद, खांटी सेकुलरिज़्म और व्यापारवाद में है ! UGC नियम इसकी सर्वश्रेष्ठ बानगी है !! लोग अभी भी समझ रहे है कि UGC के सवर्णों छात्रों के विरुद्ध यह विभाजनकारी नियम प्रस्तावित हैं... वस्तुतः 13 जनवरी को यह नियम कक्षा 12 के ऊपर की प्रत्येक शैक्षिक संस्था लागू हो चुके हैं !!
हम इस सरकार की कार्यशैली को समझते नहीं हैं, वन्देभारत ट्रेन,पुल इत्यादि का उद्घाटन गाजे-बाजे के साथ होगा, मन्दिर मन्दिर त्रिपुंड लगाकर सैकड़ों कैमरों के सामने घूमा जाएगा... लेकिन कश्मीर में शेष देश के निवासियों के प्रवेश को रोकने वाली अत्यंत नुकसानदेह 15 वर्षीय न्यू डोमिसाइल पालिसी,बगैर किसी को सूचना दिए, UGC गजट जैसा विभाजनकारी कानून 13 जनवरी की रात को लागू कर दिया जाएगा...
सबसे दुर्दांत वास्तविकता देखिये... इतना बड़ा विभाजनकारी कानून लागू करने के बाद,इतने जनाक्रोश देखने के वाबजूद...केंद्र सरकार,विधि मंत्रालय, PMO, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भाजपा प्रवक्ता... पूर्ण चुप्पी धारण किये बैठे हैं ! इलेक्ट्रॉनिक चैनल,अखबारों में भी सवर्ण हिंदुओं के जनाक्रोश को जानबूझकर ब्लैकआउट कराया जा रहा है !!
#सवर्ण_विरोधी_भाजपा
UGC के नाम पर समान्य वर्ग पर थोपा गया काला कानून भाजपा के गले की हड्डी बना। BJP IT Cell को भी सांप सूंघ गया है—जो लोग हर फैसले को मोदी का मास्टरस्ट्रोक बता-बता कर थकते नहीं थे, आज बिलों में दुबके पड़े हैं।
समान्य वर्ग के तथाकथित भाजपा समर्थक नेताओं के पाँव तले ज़मीन खिसक चुकी है, उनके पास अब यह बताने के लिए एक भी शब्द नहीं बचा कि इस अन्याय का समर्थन किस मुंह से करें।
पूरे सोशल मीडिया पर मोदी सरकार के इस काले कानून की धज्जियाँ उड़ रही हैं, और इतिहास में पहली बार समान्य वर्ग खुलकर, बिना डर, मोदी के खिलाफ खड़ा दिखाई दे रहा है।
यह कानून नहीं, बल्कि भाजपा की साख पर चलाया गया आत्मघाती वार है—मोदी ने सत्ता के अहंकार में पार्टी की पूरी विश्वसनीयता भी दांव पर लगा दी है।
समान्य वर्ग ने कभी अपने लिए विशेष व्यवस्था की मांग नहीं की अपितु सभी वर्गों.. या कहें भारत के सभी नागरिकों के लिए.. समान व्यवस्था की मांग की है...
समान्य वर्ग ने निस्वार्थ भाव से... बिना किसी अपेक्षा के देश की प्रगति के लिए.. भाजपा का साथ दिया... बदले में उसे मिला उपेक्षा और जातीय उन्माद का विष...
अगर समान्य वर्ग भी टूटने पर आया तो कभी स्थाई सरकारों का आना मुश्किल होगा... बाकी... भाजपा अपनी आत्महत्या करने पर उतारू है तो वह जाने....
#modigoback #ugc_rollback #atultiwari @हाइलाइट TopFans Atul Tiwari
परमार्थ निकेतन, Parmarth Niketanऋषिकेश में बागेश्वर पीठाधीश्वर श्रद्धेय पूज्य आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम सरकार का पावन आगमन सनातन चेतना और सेवा-भाव का दिव्य संगम बना। परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों द्वारा शंखध्वनि, वेदमंत्र एवं पुष्पवर्षा के साथ हुआ आत्मीय स्वागत वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर गया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं आचार्य श्री के मध्य हुई दिव्य भेंटवार्ता में सनातन धर्म की जीवंतता, युवाओं को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने, राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना तथा सेवा को साधना बनाने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वेदमंत्रों के साथ माँ गंगा का पूजन श्रद्धा और साधना का अनुपम दृश्य बना।
इस अवसर पर श्रीराम लला प्रतिष्ठा–2026 की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। आगामी सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का पावन निमंत्रण भी प्रदान किया गया, जिसे स्वामी जी ने सनातन संस्कृति की करुणा और सामाजिक संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बताया।
बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल एवं मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्वामी जी ने इसे बुन्देलखंड के लिए “सबसे बड़ा उपहार” बताते हुए कहा कि यह संस्थान भविष्य में लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा। आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य सेवा का यह संगम सच्चे राष्ट्रनिर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
पूरा वातावरण “जय श्रीराम”, “हर हर गंगे” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
🚩 देश की सुरक्षा सर्वोपरि: भारत सरकार का ऐतिहासिक निर्णय! 🚩
भारत माता की जय! 🇮🇳
आज हर सच्चे भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। भारत सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण न देने का फैसला केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के भविष्य, संसाधनों और शांति को सुरक्षित रखने की दिशा में एक साहसिक कदम है।
क्यों यह फैसला जरूरी है?
संसाधनों पर अधिकार: हमारे देश के संसाधनों पर पहला हक भारतीय नागरिकों का है।
आंतरिक सुरक्षा: बिना पहचान और सत्यापन के किसी भी समूह का देश में रहना सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
अखंडता का संकल्प: सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत अब "धर्मशाला" नहीं है जहाँ कोई भी बिना अनुमति प्रवेश कर सके।
अजीत डोभाल जी के नेतृत्व में हमारी सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात देश को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही हैं। अब समय आ गया है कि हम सब एक सुर में सरकार के इस फैसले का समर्थन करें। जो लोग देश के कानून का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत में कोई जगह नहीं है।
हमारा सवाल आपसे: क्या आप भारत सरकार के इस कड़े और जरूरी फैसले का समर्थन करते हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में 'हाँ' या 'नहीं' लिखकर जरूर दें। इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि पूरी दुनिया को पता चल जाए कि भारतीय अपनी सुरक्षा के प्रति कितने सजग हैं! 🗣️👇
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