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गुड़गांव से एक ऐसी story सामने आई है, जो दिल को छू जाती है और जिंदगी का असली मतलब समझा देती है।
फोटो में दिख रहे इस शख्स के बारे में बताया जा रहा है कि ये शहर की सड़कों पर दिन-रात साइकिल से झाड़ू बेचते हैं। उनके साथ उनकी करीब 6 साल की छोटी बेटी भी रहती है।
कुछ समय पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया, जिसके बाद बेटी की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मुश्किल हालात होने के बावजूद उन्होंने भीख मांगने के बजाय मेहनत का रास्ता चुना और झाड़ू बेचकर अपना और बेटी का गुजारा कर रहे हैं।
पिता का struggle
सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी साइकिल पर ही बेटी के लिए सोने की छोटी सी arrangement कर रखी है। देर रात तक काम करते हुए, जब बेटी को नींद आती है, तो वह उसी साइकिल पर उसे सुला देते हैं।
उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर एक अच्छा इंसान बने और उसे जिंदगी में हर खुशी मिले। वह चाहते हैं कि बेटी को कभी भी मां की कमी महसूस न हो...
इस तरह की घटनाएं आहत करती हैं जिनमें लोग जरा सी बात पर किसी के जीवन के अधिकार को एक पल में खत्म कर देते हैं...😰😰
क्या आप किसी मरे हुए इंसान में जान डाल सकते हो....?
अगर नहीं.....
तो इतनी आसानी से जान लेने के लिए तैयार कैसे हो जाते हो भाई.....
किसने दिया किसी की गलती पर उसकी जान लेने का अधिकार.....?