8 w - Translate

पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक विवाहित महिला कुछ महीने पहले महिला का अपने पति से घरेलू विवाद हुआ। गुस्से में वह घर से निकल गईं
महिला ने सोशल मीडिया पर मिले एक व्यक्ति (प्रेमी) पर भरोसा किया, जिसने नौकरी का झांसा देकर उसे पटना जंक्शन तक पहुंचाया। लेकिन वहां प्रेमी ने धोखा दिया और दलालों के हवाले कर दिया।
दलालों ने महिला को मात्र 25 हजार रुपये में पश्चिम बंगाल के एक रेड लाइट एरिया (कोठे) में बेच दिया। महिला वहां जबरन रखी गई और यौन शोषण का शिकार हुई। वह बार-बार ग्राहकों से मदद मांगती रही, लेकिन ज्यादातर नशे में होते थे।
आखिरकार एक ग्राहक ने उसकी बात सुनी। महिला ने उसे अपनी पूरी कहानी बताई और पति से संपर्क करने की गुहार लगाई। उस ग्राहक ने वीडियो कॉल के जरिए महिला को पति से बात करवाई और स्थिति बताई।
जिसके बाद पटना पुलिस ने महिला को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर घर पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि यह मानव तस्करी का क्लासिक मामला है, जहां घरेलू विवाद और प्रेम के झांसे का फायदा उठाकर महिलाओं को बेचा जाता है। मामले में दलालों और प्रेमी के खिलाफ IPC की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा, मानव तस्करी और घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या नौकरी के झांसे में न आएं और तुरंत सूचना दें।
#humantraffickingawareness #womanrescue #biharnews #realstory #womanrescue

image

image

image

imageimage
8 w - Translate

Mathura-Vrindavan में आस्था का 'सैलाब': 3 दिन की छुट्टी में टूटा भीड़ का रिकॉर्ड, जाम में फंसी कान्हा की नगरी

image
8 w - Translate

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को प्रतिष्ठित अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उनके लिए इस सम्मान को मंजूरी दी थी। कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया, जिससे वह शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं.

image

image

image
8 w - Translate

बारामती में अजित पवार से जुड़े प्लेन क्रैश की खबर जैसे ही सामने आई, झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक पुरानी, लेकिन सिहरन पैदा कर देने वाली याद ताजा हो गई। तारीख थी नौ मई 2012, जब झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा मौत से चंद कदमों की दूरी पर खड़े थे। वह हादसा, जिसने न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया था।
नौ मई 2012 की सुबह मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा रांची से खरसावां के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ थीं पत्नी मीरा मुंडा, विधायक बड़कुंवर गगराई, दो पायलट और सुरक्षा कर्मी। मौसम सामान्य था, लेकिन किसे पता था कि कुछ ही देर में यह यात्रा उनकी जिदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बन जाएगी। खरसावां में लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी सामने आई। लैंडिंग में सहायता करने वाला राउटर सिस्टम अचानक फेल हो गया।
बताते हैं कि अर्जुन मुंडा के सुझाव पर पायलट ने साहसिक निर्णय लिया और हेलिकॉप्टर को वापस रांची मोड़ दिया गया। भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास हेलिकॉप्टर चक्कर काटने लगा। वजह साफ थी कि अगर ईंधन भरा रहता और क्रैश लैंडिंग होती, तो नुकसान और भी भयावह होता। आसमान में हर चक्कर के साथ नीचे कुछ लोग सांसें थामे हुए थे। आखिरकार जब ईंधन लगभग समाप्त हो गया, तब पायलट ने क्रैश लैंडिंग का फैसला किया। क्रैश लैंडिंग होते ही हेलिकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चारों ओर आग और धुएं का गुबार फैल गया। हादसे में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए। अर्जुन मुंडा को पूरी तरह ठीक होने में चार महीने से अधिक का समय लगा।
#jharkhand #arjunmunda

image