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लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शब्बीर अहमद लोन दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सक्रिय सदस्य शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। आरोपी हाल ही में मेट्रो पोस्टर केस में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का हैंडलर था और बांग्लादेश से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से संचालित हो रहा था।
शब्बीर अहमद लोन सीधे तौर पर लश्कर के सरगना हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी के संपर्क में रहा है। वह बांग्लादेश में बैठकर भारत में आतंकियों की भर्ती और ब्रेनवॉश करता था। अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को कट्टरपंथी बनाया जाता और फर्जी दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, बनवाकर उन्हें भारत में छिपाया जाता था। इसके अलावा, एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए संपर्क रखा जाता और दिल्ली व अन्य शहरों में रेकी भी की जाती थी।
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एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकालकर कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, डिलीवरी मैन गिरफ्तार, 27 सिलेंडर जब्त
जयपुर। शहर में एलपीजी गैस की किल्लत के बीच उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला रसद विभाग की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर कालाबाजारी करने के मामले में एक आरोपी डिलीवरी मैन को गिरफ्तार किया है तथा मौके से 27 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत चारण ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि खिरणी फाटक रेलवे लाइन के पास उपभोक्ताओं को सप्लाई किए जाने वाले घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस निकालकर रिफिलिंग कर कालाबाजारी की जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्पेशल टीम द्वारा झोटवाड़ा क्षेत्र में छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर दो वाहनों में सिलेंडरों से गैस भरते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी ने अपना नाम महेंद्र सिंह बताया, जो असल दुर्ग गैस एजेंसी का डिलीवरी मैन है। मौके से कुल 27 सिलेंडर बरामद किए गए, जिनमें 14 भरे हुए एवं 13 खाली सिलेंडर शामिल हैं।
जांच के दौरान भरे हुए सिलेंडरों को तौलने पर पाया गया कि उनमें निर्धारित मानक मात्रा से कम गैस भरी हुई थी। जहां एक सिलेंडर में लगभग 14 किलोग्राम गैस होनी चाहिए, वहीं कई सिलेंडरों में 11.7 किलोग्राम, 12.5 किलोग्राम एवं 13.5 किलोग्राम तक ही गैस पाई गई। इस प्रकार प्रति सिलेंडर 2 से 3 किलोग्राम गैस कम पाई गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नियमित रूप से उपभोक्ताओं के लिए भेजे जाने वाले सिलेंडरों से गैस निकालकर अवैध रिफिलिंग करता था तथा उन्हें ब्लैक में बेचता था। इस कार्य में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
रसद विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे गैस सिलेंडर प्राप्त करते समय उसका वजन अवश्य जांचें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस व रसद विभाग द्वारा मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है